श्रीमद् भागवत कथा में भक्तों की भीड़, कृष्णा जन्मउत्सवों में आस्था की भीड़

पंडाल हुआ भक्तिमय कथा श्रवण से भगवान की निर्मल भक्ति की प्राप्ति – नृसिंह देवाचार्य जी
मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । सिहोरा नगर के प्रज्ञा विहार में चल रहीं भागवत कथा के चौथे दिवस में श्रवण से भगवान की निर्मल भक्ति की प्राप्ति होती है शक्ति और सामर्थ का उपयोग समाज सेवा के लिए करने से व्यक्ति को यश कीर्ति प्राप्त होने के साथ उसकी आयु बढ़ती है। भगवान हमेशा जीव का उद्धार करने के लिए जन्म लेते हैं उक्ताशय के उदगार गीता धाम जबलपुर के महंत परम पूज्य स्वामी नृसिंह देवाचार्य जी ने हरि हर धाम प्रज्ञा बिहार कालोनी में जनपद पंचायत अध्यक्ष रश्मि मनेन्द्र अग्निहोत्री, देववती अग्निहोत्री के संयोजन में चल रही सप्त दिवसीय भागवत कथा में मत्सय चरित्र,अजामिल उपाख्यान,नृसिंह अवतार,वामन अवतार,श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर व्यासपीठ से व्यक्त किए। आगे कहा जब व्यक्ति के जीवन में धर्म का छय होता है तथा कलयुग के कारण जो व्यक्ति को कष्ट मिलता है वे उससे मुक्ति दिलाने एंव धर्म की स्थापना करने भगवान जन्म लेते हैं । आगे कहा भगवान के जन्म को लोग भूल जाते हैं तो व्यक्ति को बोध कराने भगवान जन्म लेते है। जब कंश को आकाशवाणी से पता चला की देवकी की आठवीं संतान उसकी मृत्यु का कारण बनेगी तो वसुदेव देवकी के छ पुत्रों की कशं ने हत्या कर दी। देवकी के आठवें पुत्र के रुप में जब भगवान कृष्ण ने आधी रात को अवतार लिया तो कारागार के ताले अपने आप खुल गए और वासुदेव कृष्ण को टोकरी में रखकर गोकुल में छोड़ आए और वहां से माया रूपी बालिका को अपने साथ ले आए इधर जब कंश बच्चे के रोने की आवाज सुना तो कारागार की तरफ दौड़ पड़ा उनके हाथों से छीनकर जैसे ही उसने माया को जमीन पर पटकने का प्रयास किया तो वह उसके हाथ से छूटकर आकाश में चली गई और कहा की तुझे मारने वाला गोकुल में जन्म ले चुका है।
भागवत कथा में गौ वंशों ने अपनी उपस्थिति दी और कृष्ण जन्मोत्सव पर मनन कर एकाग्र खड़ी रही। आगे कहा भगवान की भक्ति करने से व्यक्ति के जीवन के सारे विकार समाप्त हो जाते है। भगवान जिस पर प्रसन्न हो जाते हैं उसे अपना रुप दे देते हैं। जिससे व्यक्ति के मन में भक्ति प्रगट हो जाती है तो उससे उसका जीवन सफ़ल हो जाता है। आगे कहा कलयुग में भगवान का नाम अमृत है जीवन में व्यक्ति जब शुभ कर्म करता है तो वह कर्म उसके जन्म जन्मांतर तक काम आते हैं ।जब व्यक्ति भगवान का भक्त होता है तो भगवान उसका ध्यान रखते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही कथा पंडाल में बैठे भक्त गण खुशी से नृत्य करने लगे। कथा के पूर्व लोढ़ा पहाड़ सिद्धन धाम छोटे महाराज सीता शरण जी,सांसद आशीष दुबे,विधायक संतोष बरकडे, बहोरीबंद विधायक प्रणय प्रभात पांडे, पूर्व विधायक दिलीप दुबे,नंदनी मरावी,अनुपम सराफ,राजेश दाहिया,राजमणि बघेल,पुष्पराज बघेल, धर्मेन्द्र सिंह, के के दुबे ,नीलू बाजपेयी,सतीश पटेल,शिशिर पांडे, राजा मोर,शैलेन्द्र अग्निहोत्री,पंकज अग्निहोत्री
,सारांश अग्निहोत्री आदि ने व्यासपीठ का पूजन भी किया।
कृष्णा जन्मउत्सवों पर जनपद अध्यक्ष मनेन्द्र रश्मि अग्निहोत्री द्वारा बाल कृष्ण को गोदी में लेकर मंच पर ही नाच झूम उठीं, अपने हाथों से परसाद एवं खिलौनों को मंच से सभी श्रद्धालु की ओर बरसाएं।



