जबलपुर दर्पण

अमखेरा के ‘श्री परिसर’ में फूटा जन-आक्रोश; 500 घरों की जनता ने शासन-प्रशासन को सौंपा अंतिम विधिक चेतावनी पत्र

जबलपुर दर्पण । अमखेरा स्थित वार्ड क्रमांक 74 (ए.पी.जे. अब्दुल कलाम वार्ड) अंतर्गत आने वाली ‘श्री परिसर कॉलोनी फेस-1 एवं फेस-2’ के सैकड़ों रहवासियों का आक्रोश सोमवार को फूट पड़ा। पिछले एक वर्ष से लगातार प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काट रहे नागरिकों ने अब संघर्ष का अंतिम निर्णय लेते हुए जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त एवं विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता के नाम एक अंतिम वैधानिक चेतावनी पत्र कलेक्ट्रेट में सौंपा।

रहवासियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि 7 दिवस के भीतर पक्की सड़क, स्थाई बिजली व्यवस्था तथा भूमाफियाओं पर एफआईआर की कार्यवाही नहीं हुई तो 500 से अधिक घरों की जनता उग्र आंदोलन व चक्काजाम करने पर मजबूर होगी।

सुगम विद्युत सुविधा योजना 2024 की उड़ रही धज्जियां

ज्ञापन सौंपने के दौरान कॉलोनी की महिलाओं ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन ऊर्जा विभाग द्वारा जारी राजपत्रित आदेश क्रमांक 7712/2024/तेरह/02 के तहत ‘सुगम विद्युत सुविधा योजना 2024’ में अघोषित कॉलोनियों को स्थाई बिजली कनेक्शन एवं आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

इसके बावजूद अधारताल संभाग अंतर्गत बिजली विभाग द्वारा नागरिकों से 2000 से 3000 रुपये प्रतिमाह अस्थाई (T.C.) बिल वसूला जा रहा है, लेकिन कॉलोनी में स्थाई ट्रांसफार्मर, पक्के खंभे एवं नियमित बिजली व्यवस्था अब तक नहीं की गई। रहवासियों ने इसे विभागीय लापरवाही के साथ-साथ जनता का खुला आर्थिक शोषण बताया।

भूमाफियाओं पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप

ज्ञापन में रहवासियों ने कुछ भूमाफियाओं व कॉलोनाइजरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सड़क, नाली और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का झांसा देकर प्लॉट बेच दिए, लेकिन बाद में कॉलोनी को बदहाल हालत में छोड़ दिया।

रहवासियों ने आरोप लगाया कि इकबाल चांद खां, गुलाम साबिर, रजिया बेगम, मोहम्मद इकबाल, शकील अहमद, मुन्ना तैयुब, अमजद अंसारी सहित उनके सहयोगी एजेंट ब्रजेश विश्वकर्मा, धर्मेंद्र किट्टू, राकेश सोनी, मुकेश वर्मा, मुकेश कोरी एवं असरफ ने करोड़ों की धोखाधड़ी की है।

जनता ने मांग की कि इन सभी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।

टैक्स वसूलने के बाद भी नगर निगम की नाकामी

रहवासियों ने बताया कि वे वर्ष 2015 से लगातार नगर निगम जबलपुर को संपत्ति कर और जल कर का भुगतान कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनी को आज तक मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकीं।

मुख्य मार्ग से कॉलोनी को जोड़ने वाली सड़क आज भी पूरी तरह कच्ची, जर्जर और दुर्घटनाओं का कारण बनी हुई है। साथ ही कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट न होने के कारण रात होते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है।

रहवासियों ने बताया कि थाना गोहलपुर क्षेत्र अंतर्गत आने वाली इस गली में अंधेरे का फायदा उठाकर शराबियों, जुआरियों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगने लगा है, जिससे महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा गंभीर खतरे में है।

7 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन की

ज्ञापन के माध्यम से रहवासियों ने प्रशासन को 7 दिवस का अंतिम समय दिया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और चक्काजाम होगा, जिसकी संपूर्ण विधिक जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

बड़ी संख्या में नागरिक व मातृशक्ति रही उपस्थित

इस निर्णायक कार्रवाई के दौरान प्रमुख रूप से सुनील दत्त तिवारी, राजाराम सेन, दीपक सोनी, पवन मिश्रा, मनीष सोंधिया, देवेश कोष्टा, अंजनी मिश्रा, दिनेश गुप्ता, हसन दत्त पटेल, प्रकाश दत्त, शमा परवीन, नूर मोहम्मद, संजीव सोनी, प्रतिभा ठाकुर, सावित्री सेन, सीता सोंधिया, दुर्गा सोनी, ममता मिश्रा, भारती पूर्णाकार, दुर्गा गुप्ता, हेमा तिवारी, पूजा गुप्ता, रानी साहू सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय मातृशक्ति, बुजुर्ग एवं युवा साथी उपस्थित रहे।

रहवासियों ने एक स्वर में कहा कि अब वे किसी भी कीमत पर मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहकर जीवन नहीं जी सकते, और यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो यह आंदोलन जिले का बड़ा जन-आंदोलन बन सकता है।

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