जबलपुर दर्पण

नगर निगम जबलपुर के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के सफल री-स्टार्ट मॉडल की दिल्ली में हुई सराहना

जबलपुर दर्पण । नगर निगम ने स्वच्छता और सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर शहर का मान बढ़ाया है। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित नेशनल रिव्यू ऑफ स्वच्छ भारत मिशन अर्बन 2.0 की उच्च स्तरीय बैठक में जबलपुर के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के सफल पुनर्संचालन और बेहतरीन प्रबंधन मॉडल की जमकर सराहना की गई।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आयोजित इस राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में देश भर के राज्यों के प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मध्य प्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बैठक में सहभागिता की।
बंद पड़े प्लांट को बनाया रोल मॉडल, निगमायुक्त ने दी प्रस्तुति
बैठक के दौरान जबलपुर निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने एक विस्तृत और प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने देश भर से आए प्रतिनिधियों के सामने साझा किया कि किस तरह जबलपुर नगर निगम ने अपरिहार्य कारणों से बंद पड़े वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि उसे देश के अन्य नगरीय निकायों के लिए एक मिसाल बना दिया।
ऐसे प्रयासों से मिली सफलता
निगमायुक्त ने अपनी प्रस्तुति में प्लांट की पुनर्स्थापना के उन महत्वपूर्ण कदमों को साझा किया, जिसकी बदौलत यह सफलता मिली। प्लांट के बंद होने के दौरान समय का सही उपयोग करते हुए पूरी मशीनरी का गहन मेंटेनेंस और ओवरहालिंग कार्य कराया गया। प्लांट बंद रहने के दौरान जो कचरा जमा हुआ था, उसे ट्रॉमल और बैलिस्टिक सेपरेटर मशीनों के माध्यम से पूरी तरह से अलग-अलग किया गया। सभी तकनीकी सुधारों के बाद प्लांट को जब पूरी क्षमता के साथ दोबारा शुरू किया गया, तो महज तीन महीनों के भीतर संचित कचरे का सफलतापूर्वक शत-प्रतिशत प्रसंस्करण कर लिया गया।
प्रस्तुति में बताया गया कि अब इस प्लांट से निर्बाध रूप से क्लीन एनर्जी (बिजली) का उत्पादन हो रहा है। भविष्य में यह व्यवस्था कभी ठप न हो, इसके लिए नगर निगम जबलपुर ने तीन स्तरीय सुरक्षा चक्र तैयार किया है। खराबी आने से पहले ही मशीनों की नियमित जांच। संचालन की हर स्तर पर कड़ी मॉनिटरिंग। सभी हितधारकों और तकनीकी टीम के बीच मजबूत तालमेल।
अन्य शहरों के लिए प्रेरणा बना जबलपुर का मॉडल
केंद्रीय मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने जबलपुर के इस कमबैक मॉडल को सराहा। विशेषज्ञों का मानना है कि कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की दिशा में जबलपुर नगर निगम का यह प्रयोग देश के उन सभी शहरों के लिए एक मार्गदर्शक का काम करेगा, जो अपने यहाँ वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के संचालन की दिशा में अग्रसर हैं।

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