मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन एवं सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की ली समीक्षा बैठक

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी नाथ ने भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के दृष्टिगत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सभी उत्पादन इकाइयां पूर्ण क्षमता से संचालित हों तथा इनके कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए। बीते दिनों आए आंधी तूफान ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को तहस महस कर दिया था। जिसके चलते आज दिनांक तक ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के खंभे, बिजली तार टूटे नजर आ रहे हैं। बिजली विभाग को स्थानीय लोगों ने लगातार सूचनाएं दी थी। फिर भी सुधार कार्य में विलम्ब होता नजर आ रहा था। भीषण गर्मी के कारण लोगों के घरों में पीने के पानी की समस्या एवं बिजली बिना मोबाइल चार्ज, कंप्यूटर कार्य नहीं हो रहे हैं। इन बढ़ती हुई समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत, आधुनिक एवं भरोसेमंद बनाने पर जोर देते हुए फीडर वाइज मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर बाधित होने अथवा शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आमजन को बिजली आपूर्ति से जुड़ी सही एवं समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई जाए। संवाद और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा तथा शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने पर बल दिया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री एवं ऊर्जा राज्य मंत्री को हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी डिस्कॉम समन्वय के साथ इसे सुनिश्चित करें।



