सुप्रीम कोर्ट की निगरानी मे स्वतंत्र दल करे राम मंदिर जमीन खरीदी घोटाला और चंदा चढ़ावा चोरी की जाँच-साधना भारती

जबलपुर दर्पण | कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता साधना भारती ने कहा कि जिसकी सत्ता और व्यवस्था में हो चंदा चढ़ावा चोरों का आदर हो रहा है, वही चीफ चंदा चढ़ावा चोरों का गॉडफादर है । किसी भी स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा सुप्रीम कोर्ट की सरपरस्ती में राम मंदिर जमीन खरीदी घोटाले सहित चंदा चढ़ावा चंपत कांड की निष्पक्ष जांच निश्चित समय सीमा में की जानी चाहिए, आज मोदी, योगी, मोहन राज में सीता माता की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, इनके राज में अयोध्या से लेकर उज्जैन तक आध्यात्मिक आस्थाओं की आत्मा पर अतिक्रमण किया जा रहा है, उन्होने कहा कि जिस एसआईटी के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत पर पहले ही 420 और 465 की धाराओं के तहत गबन, जालसाजी और लूट के आरोपों में एफआईआर दर्ज है, वो एसआईटी का अध्यक्ष राम मंदिर चंदा चढ़ावा चोरी चंपत कांड की निष्पक्ष जांच कैसे कर पाएगा | राम मंदिर ट्रस्ट को आरटीआई एक्ट से बाहर किया गया, प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मुख्य यजमान पीएम मोदी अब मौन धारण कर बैठे हुये है |
उन्होंने हमला तेज करते हुए मांग की है कि लोक हित मे मामले में प्रधानमंत्री मोदी से और आरएसएस प्रमुख से कड़ी पूछताछ की जानी चाहिए। बड़े आरोपी सदस्यों को बचाने की कोशिश हो रही है, जबकि इस घोटाले के संदेह की सुई सीधे प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर जाती है। कांग्रेस नेत्री साधना भारती ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बयान का हवाला देते हुए कहा कि कुंभ के दौरान लगभग 16 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या आए, लेकिन इस अवधि में केवल 84 करोड़ रुपये ही जमा हुए इसका मतलब यह है कि प्रति श्रद्धालु ने औसतन केवल पांच रुपये 74 पैसे ही दान दिए, जो अविश्वसनीय है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर औसतन एक श्रद्धालु ने 100 रुपये भी दान दिए हों, तो कुल राशि 1600 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी। उन्होंने पूछा कि जब ट्रस्ट ने सिर्फ 84 करोड़ रुपये दिखाए हैं, तो बाकी के 1516 करोड़ रुपये कहां गए।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब राजस्थान के खदान ठेकेदार दिलीप सिंह राठौड़ श्रीराम मंदिर के लिए मुफ्त में पत्थर देने को तैयार थे, तो 500 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से पत्थर क्यों खरीदे गए। उन्होंने पूछा कि जब निर्माण कंपनी एलएंडटी ने कहा था कि वह एक रुपये में मंदिर बनाएगी, तो निर्माण कार्य पर 2,100 करोड़ रुपये कैसे खर्च हो गए? सिंधी समाज द्वारा दान की गई 200 किलो चांदी की ईंटों सहित अधिकतर रामभक्तों द्वारा चढ़ाए गए छोटे-मोटे आभूषणों के दान की भी रशीदें राम मंदिर ट्रस्ट ने आज तक नहीं दी।
साधना भारती ने आगे बताया कि श्रीराम मंदिर परिसर से करीब आठ किलोमीटर दूर ट्रस्ट ने 84 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी, जिसके लिए बाजार दर से कई गुना अधिक भुगतान किया गया और अब उस जमीन पर पशुओं का चारा बोया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि जब मंदिर के पास कोई गोशाला नहीं है, तो यह चारा किसके लिए उगाया जा रहा है?
इस दौरान विधायक लखन घनघोरिया, शहर कांग्रेस के अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष संजय यादव, रितेश गुप्ता, आरिफ बेग, प्रवेंद्र चौहान, संदीप जैन, देवकी पटेल, हुकुमचंद जैन, राजेश पटेल, विवेक यादव, आदित्य खुरासिया, भरत पटेल, आनंद यादव, एड. हाजी अयाज खान आदि उपस्थित रहे।



