भगवद गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास है गीता भारती- आनंद श्रीवास्तव

मुंबई। पंडित मुस्तफा आरिफ द्वारा रचित गीता भारती भगवद गीता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का अनुपम प्रयास है। संस्कृत के विद्वान प्रोफेसर आनंद श्रीवास्तव ने गीता भारती की समीक्षा हेतु आयोजित संगोष्ठी में चित्र नगरी संवाद मंच मे प्रमुख वक्ता के रूप बोलते हुए विचार व्यक्त किए। प्रोफेसर श्रीवास्तव ने कहा कि आज समय की मांग है व्यक्ति सद्कर्म के मार्ग पर चले, इसके लिए पंडित मुस्तफा आरिफ द्वारा रचित गीता भारती सुगम सरल सुबोध भाषा में प्रेरित करने वाली कृति है। जिससे मनुष्य कठिन परिस्थितियों में भी अपने धर्म और कर्तव्य का पालन कर श्रेष्ठ आचरण ग्रहण कर सके। गीता भारती के लेखक पंडित मुस्तफ़ा आरिफ ने कहा कि भगवद गीता में उल्लिखित सद्गुणो का अनुसरण कर ही मनुष्य मुक्ति प्राप्त कर परमात्मा में आत्मसात हो सकता है। मेरा प्रयास है कि संस्कृत के श्लोको की यह आसान हिंदी भाषा में अभिव्यक्ति सामान्य जनो को समझने में चलने में मदद करने की युक्ति से जोड़ेगी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुप्रसिद्ध गीतकार और संस्था के प्रमुख देवमणि पांडेय ने कहा कि गीता देश-काल की सीमाओं से परे कर्म, स्वधर्म, कर्तव्य और मानवता का सार्वभौमिक संदेश देती है। उन्होंने संत ज्ञानेश्वर, महात्मा गांधी, विनोबा भावे और लोकमान्य तिलक का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व के अनेक विचारकों और वैज्ञानिकों ने जीवन की जटिल परिस्थितियों में गीता से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मधुबाला शुक्ल ने लेखक का परिचय देते हुए किया। उन्होंने बताया कि पंडित मुस्तफ़ा आरिफ़ ने श्रीमद्भगवद्गीता के 700 संस्कृत श्लोकों का 786 हिंदी मुक्तकों में काव्यानुवाद कर इसे आम पाठकों के लिए सहज और सरल बनाया है। संगोष्ठी के द्वितीय चरण में ‘धरोहर’ श्रृंखला के अंतर्गत अभिनेता सोनू पाहूजा ने प्रेरक लोककथा सुनाई। काव्यपाठ सत्र में हेमंत शर्मा, क़मर हाजीपुरी, विवेक अग्रवाल, अंबिका झा, सविता दत्त, राजीव रोहित और नवीन चतुर्वेदी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। हास्य कवि सुभाष काबरा ने व्यंग्य रचना के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों पर कटाक्ष किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम का समापन अभिनेता सतीश दत्त के गीत गायन से हुआ। इस अवसर पर लेखक राम बक्ष, राजेश विक्रांत, फिल्म पीआरओ समरजीत, गायक शाहनवाज कुरैशी, लेखक सुभाष चंद्र त्रिपाठी, कैमरामैन खालिद अंसारी और फिल्म पत्रकार शामी एम इरफ़ान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में बताया गया कि पंडित मुस्तफा आरिफ द्वारा रचित ‘गीता भारती’ पुस्तक Amazon Kindle और Flipkart पर ऑनलाइन उपलब्ध है। इच्छुक पाठक इसे ऑफलाइन भी प्राप्त कर श्रीमद्भगवद्गीता के कर्मयोग, जीवन-दर्शन और मानवीय मूल्यों को सरल हिंदी मुक्तकों के माध्यम से समझ सकते हैं।



