मुंबई अंतरराष्ट्रीय हिन्दी लिट फेस्ट का भव्य समापन

मुंबई जबलपुर दर्पण । विश्व हिन्दी अकादमी एवं मालवा रंगमंच समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिन्दी लिट फेस्ट का आज पीवीआर सिनेमा, जूहू में विश्व हिन्दी गान और फिल्म ‘सिर्फ एक दिन क्यों?’ की विशेष स्क्रीनिंग के साथ आरंभ हुआ। फिर विभिन्न विचारोत्तेजक सत्रों का संचालन केशव राय, सुरेश शर्मा, आनंद कुमार श्रीवास्तव, शामी एम इरफ़ान और संध्या राय द्वारा किया गया, जिनमें भाषा, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विविध आयामों पर सार्थक संवाद देखने को मिला। कविवर दास नारायण जी रचित भक्तिपदों के संग्रह ‘कृष्ण भक्तिपद’ का विमोचन सुप्रसिद्ध नृत्यांगना- अभिनेत्री सुधा चंद्रन के कर कमलो द्वारा कनक दीक्षित, केशव राय, करूणा शंकर उपाध्याय, संजीव शरण, विवेक प्रकाश की उपस्थिति में किया गया। ‘हिंदी की विकास यात्रा’ पुस्तक पर लेखक केशव राय का वक्तव्य, कवि दास नारायण और अभिनेत्री सुधा चंद्रन को विश्व हिंदी अकादमी सम्मान से अलंकृत किया गया।
विदित हो कि, 10 जनवरी से 14 जनवरी 2026 तक आयोजित इस साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव में भारत सहित 75 देशों से आए 110 से अधिक वक्ताओं ने 70 सत्रों में सहभागिता की। इस्कॉन सभागार, जूहू, वेदा ब्लैक बॉक्स, आराम नगर, सिनेपोलिस सिनेमा फन रिपब्लिक अंधेरी और पीवीआर सिनेमा जूहू में यह महोत्सव सम्पन्न हुआ। साहित्यिक कृतियों पर बनी फिल्म और फिल्मों में एआई की उपयोगिता, अनुवाद के अनुभव,मंच व पर्दे पर जीने की कला, कहानियो का नया बाजार, वर्तमान में पौराणिक व धार्मिक कथाओं का आधुनिक प्रस्तुतिकरण, जीवंत अभिनय की कला, कवि परम्परा, लोक नाट्य नौटंकी, अभिनय प्रशिक्षण, भाषा-विज्ञान और साहित्य से जुड़े विविध समकालीन विषयों पर गंभीर विचार- विमर्श किया गया। हिन्दी की वर्तमान स्थिति और उसकी वैश्विक भूमिका पर अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कलाकारों और बुद्धिजीवियों ने अपने विचार साझा किए। महोत्सव के दौरान नाट्य प्रस्तुतियाँ, कवि सम्मेलन, मुशायरा, स्टैंड-अप कॉमेडी और हिन्दी आधारित फिल्मों का प्रदर्शन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सभी सत्रों का सीधा प्रसारण विश्व हिन्दी अकादमी के फेसबुक पेज पर भी किया गया।
महोत्सव के पहले दिन हिन्दी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्वानों को ‘विश्व हिन्दी अकादमी सम्मान’ से सम्मानित भी किया गया। यह आयोजन हिन्दी प्रेमियों के लिए एक बहुआयामी, अंतरराष्ट्रीय और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में व्यापक सराहना प्राप्त कर रहा है।
आयोजन समिति में राजेश राय, ऋषि राय, संध्या राय, शामी एम. इरफ़ान, मनोज रमोला, सुभाष चन्द्र त्रिपाठी सहित अनेक सक्रिय कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



