15 साल बाद भी बदहाल उमरियापान का न्यू बस स्टैंड, बारिश में दल-दल बना यात्रियों के लिए मुसीबत

सतीश चौरसिया उमरियापान । नगर का न्यू बस स्टैंड वर्षों बाद भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है । करीब 15 वर्ष पूर्व शुरू हुए इस बस स्टैंड से आज भी बसों का संचालन हो रहा है, लेकिन अब तक यहां बुनियादी सुविधाओं का समुचित विकास नहीं हो सका है । बरसात के मौसम में पूरा बस स्टैंड कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे यात्रियों, बस संचालकों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है । स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बस स्टैंड में आज तक फर्शीकरण नहीं कराया गया है । हल्की बारिश होते ही परिसर में पानी भर जाता है और कीचड़ फैल जाने से लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है । यात्री अपने सामान के साथ कीचड़ से होकर बसों तक पहुंचने को मजबूर हैं । बस स्टैंड परिसर में लगा विद्युत डीपी और बिजली के पोल भी लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं । नागरिकों का कहना है कि बसों की आवाजाही के बीच दुर्घटना की आशंका बढ़ाती है, लेकिन अब तक इन्हें हटाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है । गौरतलब है कि करीब 30 वर्ष पूर्व जब उमरियापान, जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के अंतर्गत आता था, तब तत्कालीन एसडीओ द्वारा न्यू बस स्टैंड की आधारशिला रखी गई थी । लोगों को उम्मीद थी कि समय के साथ यह बस स्टैंड आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी विकास कार्य अधूरे पड़े हैं । क्षेत्रीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल की लगातार उपेक्षा की जा रही है । लोगों ने क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह से बस स्टैंड का शीघ्र फर्शीकरण कराने, परिसर से विद्युत डीपी एवं पोल हटाने तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित कराने की मांग की है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके । नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कार्य नहीं कराए गए तो आने वाले दिनों में यात्रियों की समस्याएं और बढ़ सकती हैं ।



