“किया बोलती पब्लिक” अभियान के तहत कांग्रेस का नगर निगम मुख्यालय घेराव, भ्रष्टाचार और बदहाल नागरिक सुविधाओं पर उठाए सवाल

जबलपुर दर्पण। नगर की जनता आज नगर निगम की भ्रष्ट, संवेदनहीन एवं जनविरोधी कार्यप्रणाली से अत्यंत आहत, पीड़ित एवं आक्रोशित है। नगर निगम का मूल दायित्व नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना है, किंतु वर्तमान परिस्थितियों में नगर निगम अपने संवैधानिक एवं वैधानिक दायित्वों के निर्वहन में पूर्णतः विफल सिद्ध हो रहा है। घेराव कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व मंत्री,विधायक श्री लखन घंघोरिया ने कहा कि संस्कारधानी जबलपुर, जो कभी अपनी स्वच्छता, प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत एवं सुव्यवस्थित नगरीय व्यवस्थाओं के लिए पूरे देश में सम्मानपूर्वक पहचाना जाता था, आज भ्रष्टाचार, प्रशासनिक उदासीनता, अव्यवस्था एवं राजनीतिक भेदभाव का प्रतीक बनता जा रहा है। विडंबना यह है कि केंद्र, प्रदेश एवं नगर निगम में एक ही दल की सरकार होने के बावजूद शहर की जनता आज भी पेयजल, स्वच्छता, सड़क, प्रकाश, सीवर एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को विवश है। शहर कॉंग्रेस के अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने कहा की निगम प्रशासन एवं सत्ता पक्ष से जुड़े कुछ प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों की कथित मिलीभगत के कारण विकास कार्यों में पारदर्शिता समाप्त होती जा रही है। करोड़ों रुपये की विकास योजनाएँ केवल कागजों तक सीमित दिखाई देती हैं, जबकि धरातल पर जनता को उनका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। जनहित के स्थान पर राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों, सुशासन एवं संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा माँ नर्मदा की गोद में बसे जबलपुर में आज भी लाखों नागरिक पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। लगभग 15 लाख की आबादी वाले शहर में केवल 35–40 टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति किया जाना नगर निगम की घोर प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। सफाई व्यवस्था चौपट हो चुकी है,थोड़ी वारिस में शहर जलमग्न हो रहा है ,नालियां बज बजा रही है, सीवर लाइन के कार्य अधूरा पड़ा है, शहर की मुख्य सड़कों, कॉलोनियों एवं बस्तियों में हजारों स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। इससे अपराध एवं दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इसके बावजूद मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं, यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है, जनता को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है, नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने कहा कि नगर निगम में सफाई व्यवस्था एवं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की चल रही है ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से नए टेंडर जारी नहीं किए जा रहे हैं। सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता तथा स्वीकृत संख्या से कम कर्मचारियों से कार्य कराया जा रहा है, उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों से गोहलपुर पुलिया के चौड़ीकरण एवं निर्माण की मांग लंबित है। नगर निगम एवं शासन की उदासीनता के कारण क्षेत्रवासियों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कॉंग्रेस जनों ने निगम प्रशासन को ज्ञापन देते हुए कहा कि यह आंदोलन नहीं बल्कि जबलपुर शहर की पीड़ित जनता की आवाज़ है। यदि उपर्युक्त समस्याओं के निराकरण हेतु शीघ्र, ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती, तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, जनप्रतिनिधियों एवं शहर की जनता लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों के तहत व्यापक जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण अभियान चलाने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन एवं शासन की होगी। इस अवसर पर पूर्व वित्त मंत्री श्री तरुण भनोट , युवक कॉंग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री यश घंघोरिया पूर्व अध्यक्ष श्री दिनेश यादव, कदीर सोनी, विक्रम सिंह, रूपेंद्र पटेल, कौशल्या गोटिया, अनुराग जैन, अयोध्या तिवारी, हर्षित यादव, अमर रजक, लखन प्रजापति, कल्लन गुप्ता, संजय साहू, गुलाम हुसैन, कलीम खान, बलवंत सिंह गुजर, प्रमोद पटेल, अभिषेक पाठक, अभिषेक चंदेल, रिंकू यादव, आसिफ़ इकबाल, संजय अहिरवार, अतुल बाजपेई, सरबजीत रील, आरिफ बेग, रितेश गुप्ता, रंजीत ठाकुर, सिद्धांत जैन, मेवा लाल पटेल, के साथ सेंकड़ों कॉंग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे!



