मध्य प्रदेश

ब्लॉक चयन समिति के द्वारा की जाये आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति: डॉक्टर मर्सकोले

पीडि़त जनता के साथ विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले पहुंचे जिला पंचायत कहा कि ब्लॉक चयन समिति के द्वारा की जाये आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति

निवास परियोजना के तहत हुई आंगनवाड़ी भर्ती करें निरस्त और परियोजना अधिकारी को हटाने की मांग

मण्डला। महिलाओं के उत्थान और उन्हें प्रोत्साहित एवं आत्मबल बनाने के लिये केंद्र और प्रदेश सरकार प्रयासरत है। उनकी मंशाओं पर निवास परियोजना अधिकारी दीपशिखा विश्वकर्मा पानी फेर रही हैं। उनके ऊपर आरोप है कि निवास परियोजना के अंतर्गत होने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती में आवेदकों से रिश्वत की मांग की गई, वहीं दस्तावेजों से छेड़छाड़ और उचित आवेदकों की नियुक्ति न किये जाने के आरोप भी इन पर लगे हैं। ये आरोप निवास क्षेत्र के लोगों ने लगाये हैं, बल्कि स्थानीय विधायक से शिकायत कर उक्त परियोजना अधिकारी पर कार्यवाही करने मांग की है। जनता की आवाज सुनकर निवास विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले जिला पंचायत पहुंचकर प्रभारी, जिला पंचायत अधिकारी श्रीमति मीना मसराम से दो टूक कहा कि नियुक्तियां निरस्त की जाये और उक्त परियोजना अधिकारी को मण्डला वापस बुलाया जाये। हमारे क्षेत्र में ऐसे अधिकारी की आवश्यकता नहीं जो जनता के लिए दु:खदाई साबित हो। नियम के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती की जाये। विधायक की इन बातों को सुनकर क्षेत्र की जनता ने कहा कि विधायक हो तो डॉ. मर्सकोले जैसा हो।

बुधवार को जिला पंचायत कार्यालय के पास निवास विधानसभा क्षेत्र से लगभग आधा सैकड़ा लोग आंगनवाड़ी भर्ती में हुई अनियमितता की शिकायत लेकर पहुंचे लोगों ने बताया कि निवास विकासखण्ड में पदस्थ महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी दीपशिखा विश्वकर्मा द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती में गड़बड़ झाला किया है। घूंस लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की गई है। उनका आरोप है कि जब आंगनवाड़ी भर्ती को लेकर चयन समिति निवास विकासखण्ड में बनाई गई है तो फिर जिले स्तर से भर्ती कैसे कर ली गई? निवास क्षेत्र से आई जनता ने निवास विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले से सम्पर्क कर मामले पर जाँच और कार्यवाही कराने की मांग की गई। जनता की एक आवाज पर विधायक जिला पंचायत पहुंचे और शिकायत सुनी एवं उनकी आवाज बनकर प्रभारी जिला पंचायत सीईओ श्रीमति मीना मसराम के पास पहुंचे जहां महिला बाल विकास के और भी अधिकारी कर्मचारी एवं निवास परियोजना अधिकारी भी मौजूद थी।

कलेक्टर को अंधेरे में रख कर दी गई नियुक्ति –
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी भर्ती की प्रक्रिया कैसे की जब निवास ब्लॉक में चयन समिति बनाई गई है। निवास परियोजना अधिकारी ने विधायक को बताया कि कलेक्टर के निर्देशन में ये भर्तियां की गई हैं। विधायक ने कहा कि जब चयन समिति निवास में है तो कलेक्टर कैसे भर्ती कर सकते हैं? उनके बीच उपस्थित जनता ने सामने आरोप लगाया कि भर्ती को लेकर रिश्वत की मांग की गई जिन्होंने रिश्वत दे दी उनका चयन कर दिया गया। विधायक ने कहा कि मण्डला कलेक्टर को अंधेरे में रखकर नियुक्ति की गई है इस पर कार्यवाही होगी। निवास विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने प्रभारी जिला पंचायत सीईओ से कहा कि जो नियुक्तियां की गई है उन्हें निरस्त किया जाये वहीं निवास परियोजना अधिकारी को भी हटाया जाये। एक बैगा जाति का नाम कृपाल सिंह धुर्वे जिन्होंने अपनी बेटी की नियुक्ति आंगनवाड़ी में कराने के लिए 50 हजार के बेल को 20 हजार में बेंचकर रिश्वत दी। जब उसकी नियुक्ति नहीं हो पाई तो उसे राशि वापस लौटाई गई। पीडि़त का कहना है कि आनन फानन में मैंने जो बेल आधी कीमत में बेंच दिये वह मुझे पुन: वापस कैसे मिलेगी? मेरी बेटी की नियुक्ति नियम के तहत होनी थी, लेकिन दस्तावेजों में मीनमेक निकालकर नियुक्ति नहीं की गई।

निवास में पहले भी इस मामले पर दे चुके ज्ञापन–
विकासखण्ड निवास क्षेत्र में महिला बाल विकास निवास के द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति बिना चयन समिति को जानकारी दिये कर दी है। इस मामले को लेकर जिला कांगे्रस के प्रवक्ता घनश्याम सूर्यवंशी ने ज्ञापन 14 फरवरी को दिया था। जब उक्त ज्ञापन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो 26 फरवरी को जिला पंचायत पहुंचकर विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले को सूचना दी। उक्त सूचना पर विधायक भी जिला पंचायत पहुंचे और पीडि़तों के साथ जिला पंचायत सीईओ से भेंट कर मामले पर चर्चा की जहां निवास क्षेत्र में पदस्थ परियोजना अधिकारी भी मौजूद थी। उन्होंने विधायक के सामने अपनी सफाई दे रही थी, लेकिन पीडि़तों ने उनके सामने उनकी पोल खोलके रख दी। निवास क्षेत्र से आये लोगों ने आरोप लगाये कि निवास परियोजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती में रिश्वत की मांग की गई, जिन्होंने रिश्वत दे दी उनकी नियुक्तियां कर दी गई। विधायक ने कहा कि जो भर्तिया हुई है उन्हें निरस्त की जाये और उक्त अधिकारी को भी हटाया जाये। वहीं खड़े कांग्रेस के जिला प्रवक्ता घनश्याम सूर्यवंशी ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा था।

ये है मामला –
कांग्रेस के जिला प्रवक्ता ने सीधे आरोप लगाया था कि 60 से 80 हजार की राशि लेकर ये नियुक्तियां की गई है। कांग्रेस के प्रवक्ता ने बताया कि 1 विज्ञापन 1 वर्ष पूर्व निकाला गया था और विज्ञापन 25 सितम्बर 2019 को निकाला गया जिसकी आवेदन की अंतिम तिथि 18 नवम्बर 2019 थी काफी अंतराल के पश्चात बिना चयन समिति के बैठक लिये जिसमें 2 जनपद सदस्य, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अध्यक्षता में फार्म अवलोकन व चयन सूची तैयार की गई। उक्त अधिकारी ने नियम विरूद्ध निर्धारित समय पर उक्त कार्य न कर प्रत्येक आवेदकों से व्यक्तिगत सम्पर्क कर राशि का लेन देन कर तथा चयन समिति के सदस्यों के घर-घर जाकर हस्ताक्षर कराये गये हैं। आवेदकों के अनुसार 60 हजार से 80 हजार रूपये तक का लेन-देन किया गया है। उसके बाद अंतरिम सूची सीधे जिले से जारी करा ली गई। जबकि ये नियुक्तिया विकासखण्ड स्तर चयन समिति द्वारा किया जाना था। उक्त कार्य जनचर्चा का विषय बना हुआ है एवं दस्तावेजों में फेरबदल किया गया है। चयन प्रक्रिया त्रुटि नियम विरूद्ध की गई है। उक्त सूची को रद्द कर पुन: नियमानुसार चयन प्रक्रिया कराने का कष्ट करें। जिससे सरकार की छवि धुमिल न हो।

संदेहस्प्रद है नियुक्तियां, होनी चाहिए निरस्त –
कांग्रेस के जिला प्रवक्ता घनश्याम सूर्यवंशी ने बताया कि 4 अक्टूबर 2019 को आपके विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति में आपके द्वारा प्रक्रिया पर असंतोष जाहिर करते हुये बैठक में निर्देशित किया गया था कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति आवेदन प्राप्ति के एक से दो माह में कर ली जानी चाहिए। परन्तु आपके द्वारा इस प्रक्रिया के लिए 7 से आठ माह का समय लिया। सदन द्वारा नियुक्तियों को संदेहास्प्रद मानते हुये ऐसी सभी नियुक्तियां निरस्त कर नवीन नियुक्तियां नियमानुसार प्रक्रिया के तहत कराये जाने के लिए निर्देशित किया गया है। इस संबंध में अपना प्रतिवेदन एवं नियुक्ति की प्रक्रिया तथा शासन के नियम व निर्देश अविलम्ब इस कार्यालय को प्रस्तुत करें ताकि आगामी बैठक में सदस्यों को इससे अवगत कराया जा सके। इसके बावजूद नियुक्तियां नियम विरूद्ध कर दी गई।

विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले

विधायक ने की अपील –
निवास विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहा कि जिले में किसी भी परियोजना में के अंतर्गत आंगनवाड़ी भर्ती में कोई भी आवेदक से रिश्वत की मांग अधिकारी कर्मचारी करता है तो वह सीधे मुझसे संपर्क करे ताकि ऐसे रिश्वतखोर लोगों पर कार्यवाही कराई जायेगी। ये कमलनाथ की सरकार है जहां भ्रष्टाचारियों एवं माफियाओं पर कार्यवाही ताबड़तोड़ की जा रही है। सरकार की छवि धूमिल करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जायेगा। विधायक ने आमजनों से अपील की है कि नियम विरूद्ध कोई भी काम किया जा रहा है या भ्रष्टाचार हो रहा है वह सीधे मुझसे सम्पर्क कर शिकायत करें मैं ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही कराने के लिए सरकार से मांग करूंगा।

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