पेंशनर्स को नियमित कर्मियों की भांति राहत प्रदान की जावे

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने एक जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि प्रदेश में 50 से अधिक विभागों के मुख्य एवं उप कार्यालय प्रदेश के विभिन्न जिलों, तहसीलों, विकासखंडो में स्थित हैँ जिनमें लाखों की संख्या में अधिकारी कर्मचारी विभिन्न पदों पर कार्यरत /पदस्थ हैँ।नियमित, अस्थायी, दैनिक वेतन भोगी, कार्यभारित कर्मचारी, संविदा -आउट सौर्स कर्मचारी, आंगनवाड़ी -आशा -उषा कार्यकर्त्ता,वनरक्षक, पटवारी, नर्स, लिपिक, अध्यापक संवर्ग, जनस्वास्थ्य रक्षक, अकुशल -कुशल श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर, अनुदेशक, गुरूजी.. इस प्रकार के ना जाने और कितने पदों पर लाखों की संख्या में अधिकारी कर्मचारी कार्यरत हैँ। सभी लोकसेवक विभिन्न समस्याओँ से जूझ रहे हैँ जिनका निराकरण आज तक नहीं हुआ जैसे पुरानी पेंशन बहाली, चार प्रतिशत महंगाई भत्ता, पदोन्नति, पेंशनरों को नियमित कर्मचारियों की भांति राहत, स्थायी कर्मियों को वर्ष 2004 से न्यूनतम वेतन सातवें वेतनमान के अनुरूप मिले।प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री की गिनती अति संवेदनशील मुख्यमंत्रीयों में की जाती हैँ। जिनका ज्वलंत तात्कालिक समस्या का त्वरित निराकरण करने का, लंबित प्रकरणों को शीघ्र समाप्त करने का तथा अपने अधीनस्थोँ का सर्वप्रथम ध्यान रखने का अपना एक अलग अंदाज है। संगठन के भास्कर गुप्ता, बैजनाथ यादव,ऋषि पाठक, धर्मेंद्र परिहार, विश्वनाथ सिंह, विशाल सिंह, आकाश भील, अफ़रोज़ खान,दुर्गेश खातरकार ने मांग की है।



