प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक बढ़ी

फसल बीमा योजना में बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। जिले के केसीसी का लोन नहीं लेने वाले सभी अऋणी किसानों जिन्होंने सोयाबीन अथवा उड़द की फसल लगाई है, वे नियत तिथि तक फसल बीमा जरूर करा लेवें।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उड़द फसल जिला स्तर पर और सोयाबीन फसल 93 पटवारी हल्कों के लिए अधिसूचित की गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2019 के ऐसे पटवारी हल्के जिनमें सोयाबीन का रकबा 100 हेक्टर या उससे अधिक था, उन 93 पटवारी हल्कों को सोयाबीन फसल के लिए अधिसूचित किया गया है। इन पटवारी हल्कों के सभी किसान जिन्होंने केसीसी लोन नहीं किया है, वे निर्धारित दस्तावेजों के साथ संबंधित बैंक में जाकर बीमा करा सकते हैं। जिन किसानों ने उड़द फसल लगाई है, वे आवेदन के साथ बही, बैंक पासबुक व आधार कार्ड की फोटोकापी और पटवारी या सरपंच, सचिव से बोवनी प्रमाण पत्र बनवाकर अपनी उड़द फसल का बीमा करा सकते हैं, क्योंकि उड़द की फसल पूरे जिले के लिए अधिसूचित है।
सोयाबीन के लिए बीमित राशि 25 हजार रूपये प्रति हेक्टर है, सोयाबीन फसल का बीमा कराने के लिए किसानों को प्रीमियम राशि 500 रूपये प्रति हेक्टर या 200 रूपये प्रति एकड़ के मान से निर्धारित की गई है। जिले में उड़द फसल के लिए बीमित राशि 15 हजार रूपये प्रति हेक्टर और किसानों के लिए प्रीमियम की राशि 300 रूपये प्रति हेक्टर है। सभी ऋणी किसान जिन्होंने सोयाबीन अथवा उड़द फसल पी2 में दिखाकर सोयाबीन या उड़द फसल के लिए केसीसी का लोन लिया है, वे स्वेच्छा से जिन्होंने निर्धारित फार्म भरकर बीमा नहीं कराने के लिए मना नहीं किया है, उन सभी किसानों का बीमा स्वत: ही हो जायेगा।



