जिले के शैक्षणिक विकास में सहभागी बनेगा प्रोजेक्ट नई उड़ानः हर्षिका सिंह

जिला स्तरीय नवाचार ’प्रोजेक्ट नई उड़ान’’ का हुआ शुभारंभ
मण्डला। यदि जिले की प्रतिभाओं को समुचित मार्गदर्शन प्राप्त हो तो वे महानगरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी पीछे छोड़ सकते हैं। जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है आवश्यकता है उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सामग्री एवं मार्गदर्शन प्रदान करने की। यह बात कलेक्टर हर्षिका सिंह ने जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट नई उड़ान के नाम से किए जा रहे नवाचार के शुभारंभ अवसर पर कही। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला, अपर कलेक्टर मीना मसराम, एसडीएम प्रथम कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मला पटले सहित विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक उपस्थित रहे।
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि कक्षा 9 से 12 के बच्चों को आगे जाकर बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होना होता है। कोविड-19 के कारण वर्तमान में शालाओं का संचालन नहीं हो रहा है ऐसे स्थिति में विद्यार्थियों को शैक्षणिक कार्यों से जोड़कर रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। कलेक्टर ने कहा कि जिले के अधिकांश विद्यार्थी महानगरों में जाकर मंहगी कोचिंग लेने के समर्थ नहीं है अतः प्रोजेक्ट नई उड़ान ऐसे बच्चों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। प्रोजेक्ट नई उड़ान के माध्यम से जिले के शिक्षकों के लिए स्वयं को प्रमाणित करने का एक अवसर है। उन्होंने शिक्षकों का आव्हान किया कि वे इस प्रोजेक्ट को एक मिशन के रूप में स्वीकार करते हुए अतिरिक्त मेहनत कर जिले के शैक्षणिक विकास में अपनी सहभागिता करें। कलेक्टर ने कहा कि जेईई एवं नीट पढाने वाले शिक्षक एवं छात्रों को अच्छी पुस्तकें प्रदाय की जावेगी। जिला एनआईसी की वेबसाईट पर उपलब्ध ई-विद्यालय के ऑप्शन से विद्यार्थियों के लिए ऑनलाईन शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जावेगी, जिससे आगामी वार्षिक परीक्षा परिणाम में वृद्धि की जा सकें।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि इंटरनेट सहित विभिन्न कारणों से जिले के बहुत बच्चे ऑनलाईन कक्षाओं से नहीं जुड़ पा रहे हैं जो जिला प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। प्रोजेक्ट उड़ान के माध्यम से उन बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्हांेने कहा कि प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन समुचित रूप से किया जावें। साथ ही जो विद्यार्थी व्हा्टसएप्प डिजीलेप ग्रुप से नही जुड पाये है, उन विद्यार्थियों का चिन्हांकन कर प्रश्नबैंक उपलब्ध कराये जावेंगे। पढाई में कमजोर चिन्हित छात्रों के लिए विषय वस्तु की संक्षेपिका तैयार कर उन्हें प्रेरित करें।
अपने अनुभव साझा करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि यदि आवश्यक शैक्षणिक सामग्री और मार्गदर्शन मिल जाए तो कोचिंग की आवश्यकता नहीं होती है। उन्होंने स्वयं की पढ़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि वे कभी भी कोचिंग नहीं गई हैं। शाला शिक्षकों से प्राप्त सामग्री और मार्गदर्शन के आधार पर उन्होंने अपनी मंजिल प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए नींव मजबूत होना ज्यादा आवश्यक है। इससे पूर्व कार्यक्रम के प्रारंभ में एपीसी (रमसा) मुकेश कुमार पाण्डेय द्वारा प्रोजेक्ट नई उड़ान का प्रस्तुतिकरण किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अनेक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। जिसमें प्रयोगशाला और पुस्तकालयों को आदर्श रूप में विकसित किया जावेगा। प्रत्येक विकासखण्ड के चिन्हित विद्यालयों की प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय को आदर्श प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय में विकसित किया जाकर अन्य का विद्यालयों का एक्सपोजर विजिट कराया जावेगा ताकि वह भी अपने विद्यालय के प्रयोगशाला एवं पुस्तंकालय को आदर्श रूप में विकसित कर सकें। जिले के दूरस्थ ग्राम पंचायतों में निवासरत छात्रों में वैज्ञानिक अभिरूचि विकसित करने एवं पाठ्यक्रम संबंधी प्रायोगिक कार्य करवाने के लिए चलित प्रयोगशाला (मोबाइल लैब) का भ्रमण एवं प्रदर्शन 01 अक्टूबर से 31 अक्टू्बर के मध्य किया जावेगा जिसके नोडल संबंधित विकासखण्ड के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं सहायक नोडल ग्राम पंचायत के नजदीकी हाईस्कूल हायर सेकेण्डएरी विद्यालय के प्राचार्य होगे। चलित प्रयोगशाला में प्रायोगिक कार्य हेतु विज्ञान शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। विद्यार्थियों की स्कूली पाठ्यक्रम के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए साप्ताहिक ऑनलाइन क्विज तैयार कर छात्रों से हल कराये जायेंगे। क्विज में स्थानीय धरोहर तथा संस्कृति आधारित प्रश्न भी शामिल किये जावेंगे। इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली जेईई एवं नीट परीक्षा हेतु जिले के अनुसूचित जनजाति के चयनित छात्रों को निरूशुल्क कोचिंग दी जावेगी। शिक्षक एवं विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्तो एवं कौशल में वृद्धि हेतु प्रतिमाह प्रशिक्षण एवं ऑनलाईन मूल्यांकन आयोजित किये जायेंगे।

चलित प्रयोगशाला को दिखाई हरी झंडी
कलेक्टर हर्षिका सिंह एवं पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने प्रोजेक्ट नई उड़ान के तहत चलित प्रयोगशाला (मोबाईल लैब) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कोविड-19 के कारण विद्यालय बंद होने की स्थिति में यह चलित प्रयोगशाला दूरस्थ अंचलों में जाकर विद्यार्थियों को प्रयोगशाला संबंधित शैक्षणिक गतिविधियां संपादित कराएगी।



