मण्डला दर्पणमध्य प्रदेश

जिला दण्डाधिकारी ने जिले में सामाजिक कार्यक्रमों के लिए जारी किए दिशा-निर्देश

प्रतिबंधात्मक आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

मण्डला। जिला दण्डाधिकारी हर्षिका सिंह ने मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव हेतु सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, राजनीतिक, रामलीला एवं रावण दहन आदि कार्यक्रमों में जनसमूह तथा धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश में उन्होंने कहा है कि जनसामान्य के स्वास्थ्य हित एवं लोक शांति बनाये रखने तथा सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक अलगाव) के उद्देश्य से संपूर्ण मण्डला जिले में लोकजीवन की सुरक्षा सख्ती से कराया जाना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने संपूर्ण मण्डला जिले में तत्काल प्रभाव से दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर उसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के रोकथाम की दृष्टि से संपूर्ण मण्डला जिले में सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, राजनीतिक, रामलीला एवं रावण दहन आदि के लिये आगामी आदेश तक के लिये अतिरिक्त दिशा निर्देर्शों का पालन किया जाना सुनिश्चित करें। श्रीमती सिंह ने सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, राजनीतिक, रामलीला एवं रावण दहन आदि कार्यक्रमों के खुले मैदान में जनसमूह के संबंध में दिए गए निर्देशों में कहा है कि खुले मैदान में उक्त प्रकार के कार्यक्रमों के लिये मैदान के आकार को दृष्टिगत रखते हुये तथा फेस मॉस्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनेटाईजेशन एवं थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था के पालन करने की शर्त पर 100 से अधिक संख्या के जनसमूह के कार्यक्रमों के लिये अनुमति संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा प्रदाय की जा सकेगी। उपरोक्त प्रकार के कार्यक्रम कंटेनमेंट जोन में आयोजित नहीं किये जा सकेंगे।
इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन के लिये आयोजकों को संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी को लिखित में आवेदन करना आवश्यक होगा तथा आवेदन में कार्यक्रम की तिथि, समय, स्थान एवं संभावित संख्या का उल्लेख करना आवश्यक होगा। अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदन पत्र पर विचारोपरांत कार्यक्रम की लिखित अनुमति प्रदान की जायेगी जिसमें उक्त संख्या एवं शर्ताे का पालन कराने की जवाबदारी आयोजकों की होगी। उक्त प्रकार के आयोजनों की वीडियोग्राफी आवश्यक रूप से कर आयोजकों को कार्यक्रम समाप्ति के 48 घंटों में प्रति अनुविभागीय दण्डाधिकारी को उपलब्ध कराना होगा। जिले में आगामी आदेश तक धार्मिक स्थलों पर मेलों के आयोजन आदि पर प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक स्थलों पर, जहां बंद कक्ष अथवा हॉल में श्रद्धालु एकत्र होते है, वहां संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा कुल उपलब्ध स्थान के आधार पर इस प्रकार अधिकतम सीमा नियत की जा सकेगी जिसमें उपलब्ध स्थान में श्रद्धालुओं के मध्य दो गज दूरी सुनिश्चित करते हुये पूजा-अर्चना की जा सके। किंतु उक्त्त संख्या किसी भी स्थिति में एक समय में 200 से अधिक नहीं होगी साथ ही धार्मिक स्थल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोविड-19 रोकथाम के तारतम्य में फेस मॉस्क की बाध्यता एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन धर्मावलम्बियों द्वारा किया जाए।
गृह विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश जिसमें समस्त दुकाने रात 8 बजे तक ही खुलने की अनुमति का उल्लेख था, निरस्त की जाती है। अतएव तदानुसार संपूर्ण जिले में दुकान, बाजार, मॉल अपने निर्धारित समय पर खुल सकेंगे। जिला मजिस्ट्रेट ने जारी आदेश में कहा है कि पुलिस प्रशासन द्वारा उक्त जारी आदेश का सखी से पालन सुनिश्चित कराया जायेगा। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 व अन्य प्रासंगिक धाराओं तथा आपदा अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

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