मिनी स्मार्ट सिटी के नाम पर मैहर में 23 करोड़ का खेल

नगर पालिका की भूमिका संदिग्ध, भाषणों तक विकास
सतना दर्पण। मां शारदेय के पवित्र धाम मैहर क्षेत्र का चहूंमुखी विकास भाषणों की परछाई से मुक्त नहीं हो पाया है। मिनी स्मार्ट सिटी की उपाधि से मैहर धाम को सुसज्जित जरुर किया गया है, लेकिन धरातल पर कोई डेवलपमेंट दूर दूर तक नजर नहीं आया है। मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने काफी मेहनत के बाद केंद्र सरकार के पिटारे से विकास के लिए लगभग 23 करोड़ रुपए मैहर नगर पालिका को उपलब्ध कराए, लेकिन अफसोस मैहर की धरती पर विधिवत डेवलपमेंट कहीं भी नजर नहीं आया है। मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी मुखर और स्पष्टवादी वक्ता के तौर पर जाने जाते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों में मजबूत पैठ रखने वाले मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने मीडिया में दिए गए अपने बयान में कहा कि मैहर को जिला बनाने का जो संकल्प लिया गया है वह हरहाल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैहर में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कराने के लिए हमने 23 करोड़ रुपए मैहर नगर पालिका को उपलब्ध कराया है। इस सरकारी बजट का सही इस्तेमाल मैहर नगर पालिका द्वारा नहीं किया गया। मैहर विधायक ने कहा कि मेरे जीवन की अंतिम सांसें तक केवल मैहर के लिए है। मिनी स्मार्ट सिटी मैहर के लिए केंद्र से जो 23 करोड़ रुपए लाए गए हैं उनका विधिवत उपयोग मैहर नगर पालिका ने नहीं किया है। मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मैहर नगर पालिका की व्यवस्थाएं बेलगाम बनी हुई है। सूत्रों ने बताया कि मैहर विधायक और मैहर नगर पालिका अध्यक्ष के बीच राजनैतिक पावर दिखाने का खेल बराबर जारी है। मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मैहर में जनता के लिहाज से समूचित विकास का काम नगर पालिका मैहर को करना चाहिए था, जो अफसोस जानबूझकर नहीं किया गया।
23 करोड़ मामले में लीपापोती, जांच में फंसेंगे सभी
मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मैहर में विकास का दुश्मन स्वयं नगर पालिका मैहर बना हुआ है। विकास के लिए हमने जो 23 करोड़ रुपए मैहर नगर पालिका को उपलब्ध कराया था उसका सही तरीके से उपयोग नगर पालिका ने नहीं किया है। मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि यदि 23 करोड़ बजट वाले मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो मैहर नगर पालिका कार्यालय का पूरा स्टाफ अपने आप उजागर हो जाएगा।



