मण्डला दर्पणमध्य प्रदेश

मूर्ति को विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों की होगी अनुमति

धार्मिक कार्यक्रम एवं त्यौहारों के संबंध में कलेक्टर ने जारी किए दिशा-निर्देश

मण्डला।कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव हेतु धार्मिक कार्यक्रम एवं त्यौहार के संबंध में जारी दिशा निर्देशों के परिप्रेक्ष में जनसामान्य के स्वास्थ्य हित एवं लोक शांति बनाये रखने तथा सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक अलगाव) के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी हर्षिका सिंह द्वारा संपूर्ण मण्डला जिले में तत्काल प्रभाव से दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर उसका सख्ती से पालन कराने के निर्देष जारी किये गये हैं।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी हर्षिका सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित की जाने वाले प्रतिमा/ताजिए की उँचाई पर पूर्व परिपत्र में उल्लेखित प्रतिबंध समाप्त किया जाता है। प्रतिमा/ताजिये के लिए पण्डाल का आकार अधिकतम 30 गुणा 45 फिट नियत किया जाता है। आदेश में झांकी निर्माताओं को यह सलाह दी गई है कि वे ऐसी झांकियों की स्थापना एवं प्रदर्शन नहीं करें, जिनमें संकुचित जगह के कारण श्रद्धालुओं/ दर्शकों की भीड़ की स्थिति बने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना हो सके। झॉकी स्थल पर श्रद्धालुओं/ दर्शकों की भीड़ एकत्र नहीं हो तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो इसकी व्यवस्था आयोजकों को सुनिश्चित करना होगी। आदेश के अनुसार मूर्ति विसर्जन संबंधित आयोजन समिति द्वारा किया जाएगा। मूर्ति को विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिए आयोजकों को पृथक से अपने क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। मूर्ति विसर्जन की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था अपनायी जायेगी तथा चयनित स्थलों पर ही विसर्जन किया जायेगा। कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक/ सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए सामूहिक चल समारोह भी अनुमत्य नहीं होगा। साथ ही गरबा के आयोजन नहीं हो सकेंगे। लाउडस्पीकर बजाने के संबंध में माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाईड लाईन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। रावण दहन के पूर्व परम्परागत श्रीराम के चल समारोह प्रतीकात्मक रूप से अनुमत्य होगा। रामलीला तथा रावण दहन के कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त पर आयोजन समिति द्वारा अपने क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी की पुर्वानुमति प्राप्त कर आयोजित किये जा सकेंगे। आदेश में कहा गया है कि 15 अक्टूबर 2020 के उपरांत होने वाले इन आयोजनों में संख्या की सीमा संबंधति क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा जिला कलेक्टर से अनुमति प्राप्त कर नियत की जा सकेगी।
सार्वजनिक स्थानों पर कोविड संक्रमण से बचाव के तारम्य में झाकियों, पंडालों विसर्जन के आयोजनों, रामलीला तथा रावण दहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु/दर्शक फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग एवं सेनेटाइजर का प्रयोग के साथ ही राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जावे। समस्त दुकानें रात्रि 8 बजे तक खुलने की अनुमति होगी। केमिस्ट, रेस्तरा, भोजनालय, राशन एवं खान-पान से संबंधित दुकानें 8 बजे के बाद भी अपने निर्धारित समय पर खुली रह सकती है। रात्रि 10.30 बजे से सुबह 6 बजे तक अकारण आवागमन न हो इसके लिये नियमित रूप से पेट्रोलिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। दुकानों का निरंतर निरीक्षण कराया जाये। दुकान संचालकों से अपेक्षा है कि वे स्वयं मॉस्क पहनें तथा ग्राहकों के उपयोग के लिये सेनेटाईजर तथा सोशल डिस्टेंसिंग के लिये 1-1 गज की दूरी पर घेरे बनायें। ऐसा नही करने वाले संचालकों के विरूद्ध नियमानुसार जुर्माना एवं दाण्डिक कार्यवाही की जाये। पुलिस प्रशासन द्वारा उक्त जारी आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जायेगा। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 व अन्य प्रासंगिक धाराओं तथा आपदा अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

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