वाह रे गांवों का विकास, षड्यंत्र पूर्वक सड़क हुई गायब


अधूरी पुलिया देती है गवाही, जिपं ने फेर लिया है मुंह
रीवा दर्पण । ग्राम विकास का नारा देने वाले नेताओं की हकीकत हमेशा चौंकाने वाली होती है। कथनी करनी में अंतर होने की वजह से सरकार का पैसा पानी की तरह बहाए जाने के बाद भी ग्राम विकास का सपना साकार नहीं हो पाता है। मध्य प्रदेश के दूसरे गांवों की तरह विंध्य प्रदेश के रीवा जिले में भी ग्राम विकास को आईना दिखाने वाले गांव बहुतायत में मौजूद हैं। औद्योगिक इकाइयों की तरफ जाने वाले सालों पुरानी सड़क के मामले में दंग कर देने वाली हकीकत सामने आई है। नौ किलोमीटर वाली गोडहर छिजवार मार्ग पर करहिया के पास निर्माणाधीन पुलिया के पहले और बाद वाली सड़क को षड्यंत्र पूर्वक गायब करने का कारनामा किया गया है। स्थानीय पंचायत के जनप्रतिनिधियों की घोर उपेक्षा और लापरवाही के कारण पुरानी सड़क का बड़ा हिस्सा गायब करवा दिया गया है। मजेदार बात यह है कि सरपंच और सचिव जैसे पदों पर बैठने वाले जनप्रतिनिधियों की सह पर पुरानी सड़क को मध्य से गायब किए जाने का मामला सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद भी रीवा जिला पंचायत सीईओ स्वप्निल बानखेडे ने गंभीरता के साथ संज्ञान लेना आवश्यक नहीं समझा है। संभागीय मुख्यालय रीवा में सबसे करीब गोडहर पंचायत आती है, इसी ग्राम पंचायत की सीमा में रीवा रेलवे स्टेशन भी आता है। दिग्गज अधिकारियों के करीब होने के बाद भी आसानी से करप्शन करने वाले लोगों ने सड़क निर्माण के नाम पर लीपापोती का डंका जमकर बजाया है। सूत्रों ने बताया कि ग्राम पंचायत गोडहर से औद्योगिक इकाइयों की तरफ जो पुरानी सड़क छिजवार तक जाती है, उसी के साथ घटिया मजाक किया गया है। गोडहर छिजवार मार्ग के एक बड़े और महत्वपूर्ण हिस्से को सुनियोजित तरीके से गायब कर दिया गया है। गोडहर से छिजवार तक की दूरी 9 किलोमीटर बताई जाती है। इस पुरानी सड़क के जरिए गोडहर, रमकुंई, करहिया, जोनही, भोलगढ, महिदल और छिजवार के ग्रामीण लोग लाभान्वित होते थे।
अतिक्रमण करने वालों का दबदबा, कैसे होगा चौड़ीकरण
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गोडहर छिजवार मार्ग पर एक दर्जन से अधिक दबंग लोगों ने आवागमन सड़क पर बेजा कब्जा कर रखा है। इस वजह से सड़क के एक लंबे हिस्से में केवल छः फीट सड़क ही आवागमन के लिए नसीब होती है। अतिक्रमण करने वालों ने लगभग छः फीट सड़क के हिस्से पर नाजायज कब्जा कर रखा है। दबंग होने की वजह से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ किसी तरह की कार्यवाही नहीं हो पाती है। स्थानीय गांव में रहने वाले लोग जब अतिक्रमण करने वालों का विरोध करते हैं तो दबंग लोग उसके साथ गाली गलौज करने के साथ साथ मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। कलेक्टर कार्यालय में लगातार ग्रामीणों ने आवेदन देकर शिकायत दर्ज जरुर करवाई है पर अब तक हुजूर तहसील का अमला मौन धारण किए बैठा है। जब तक जिला प्रशासन गोडहर छिजवार मार्ग पर कायम अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक सुचारू आवागमन की व्यवस्था नहीं बन सकती है।
नहर के पास सड़क की वास्तविकता बताती है पुलिया
गोडहर छिजवार मार्ग पर करहिया क्षेत्र के करीब बाणसागर नहर निकली हुई है। इसी नहर से कुछ दूरी पर एक अधूरी पुलिया सहजता से सबको नजर आती है। गौर से इस पुलिया के आगे पीछे आपको पुरानी सड़क के सबूत बकायदा नजर आ जाएंगे। तकरीबन छह साल पहले गोडहर छिजवार मार्ग पर पुलिया का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, इस काम को अधूरे में छोड़कर ही काम को बंद करवा दिया गया। तब से अब तक ग्राम पंचायत ने अधूरी पुलिया का निर्माण कार्य पूरा कराना आवश्यक नहीं समझा। आखिर ऐसी क्या वजह है कि गोडहर छिजवार मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया का न तो निर्माण कार्य पूरा कराया गया और न ही सड़क को सही दिशा में आगे बढ़ाया गया?
गुणवत्ता जमींदोज, मिट्टी और डस्ट से बनवा रहे सड़क
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि करहिया के पास पिछले छः साल से एक पुलिया अधूरी पड़ी हुई है। इसके अगल बगल में पुरानी सड़क मौजूद थी, जिसे षड्यंत्र पूर्वक नजरअंदाज किया गया है। पिछले एक महीने से गोडहर छिजवार मार्ग का नव निर्माण कराया जा रहा है। मिट्टी के साथ साथ जेपी खदान का मलवे से सड़क निर्माण कराया जा रहा है। सड़क के दोनों तरफ पटरी में डस्ट डाली जानी चाहिए तो वहां पर मिट्टी को फैलाया गया है। जबकि नवनिर्मित सड़क के बीच वाले हिस्से में सड़क की मजबूती के लिए सीआर एम का उपयोग किया जाना चाहिए तो यहां पर खदान की डस्ट को फैलाया जा रहा है। मिट्टी और डस्ट का उपयोग कर जानबूझकर सड़क का घटिया निर्माण करवाया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका संदिग्ध
अतिक्रमण जैसी समस्या से घिरी सड़क पर नव निर्माण के मामले में भी खिलवाड़ किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार पुष्पेन्द्र पटेल के बीच सांठगांठ करते हुए घटिया निर्माण को मुकम्मल बनाया जा रहा है। नौबस्ता मंडल के कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी ने कहा कि मिट्टी और डस्ट से घटिया निर्माण कराने के पीछे एकमात्र उद्देश्य कमीशनखोरी है। मंडल अध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी के साथ साथ वक्त की आवाज वेब न्यूज चैनल के रिपोर्टर अशोक पयासी, बबलू सिंह, सुखीनंद सिंह, रमेश त्रिपाठी, महेंद्र पयासी, लवकुश मिश्रा, प्रकाश नारायण मिश्रा सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यदि अतिक्रमण हटाते हुए 12 फीट की गुणवत्ता पूर्ण सड़क का निर्माण नहीं करवाया जाता है तो सभी गांवों के लोग चक्काजाम करते हुए सड़क पर बैठ जाएंगे।



