गौ तस्करों का मददगार बनी पुलिस और चर्चित मीडिया

दिखावे की कार्यवाही तक सीमित,नेताओं का फेलुअर वक्त की आवाज
सतना। हमारे देश में गौ माता के नाम पर राजनीति चमकाने वाले नेताओं की फौज हमेशा देखने को मिला जाती हेै , लेकिन जब गौ माता के सुरक्षा की बात आती है तो नेताओं की नेतागिरी को जंग लग जाता है। संभवतः यही वजह है कि भाषणों में बढ़ चढ़ कर गाय को माता बताने वाले नेताओं की मौजूदगी तब दूर दूर तक नजर नहीं आती है, जब सतना जिले के किसी थाने में पुलिस मवेशियों सहित वाहन को पकड़ती है। गौ तस्करी की आड़ में सतना जिले में मास्टरमाइंड खेल को पुलिस और नामचीन इलेक्ट्रॉनिक चैनल वाले मिलकर अंजाम देते हैं। गौ तस्करी के मामले में थानों की पुलिस और चर्चित मीडिया कर्मी असरदार भूमिका निभा रहे हैं। बीते दिनों सतना जिले के उचेहरा थाने की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गौ तस्करों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था, जिसमें एक मवेशी लोड वाहन को पकड़ लिया गया, लेकिन दो वाहनों में मवेशियों को लोड करके चालक फरार हो गया। सूत्रों ने बताया कि एक नामचीन इलेक्ट्रॉनिक चैनल के साहबान और पुलिसिया सांठगांठ के कारण ही मवेशियों सहित दो वाहन भागने में कामयाब हो गए। पुलिसिया व्यवस्था में पोल होने की वजह से गौ तस्करी का कारोबार जिले में थमने का नाम नहीं लेता है। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर चलने वाले इलेक्ट्रॉनिक चैनल के साहबान जो मैहर में डेरा डाले हुए हैं वही पुलिस के साथ मिलकर गौ तस्करों को जिले में मजबूती प्रदान करते हैं। गौ तस्करी को लेकर बदनाम सतना जिले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनलों की बाढ़ आ गई है। इसी भीड़ में गौ तस्करों, नशा कारोबारियों को मजबूत बनाने का काम बहुत से मीडिया चैनल से जुड़े लोग कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि उचेहरा पुलिस की दबिश में सिर्फ इसलिए मवेशी लोड दो वाहन भागने में कामयाब हो गए क्योंकि मैहर के नामचीन मीडिया कर्मी ने स्वयं वाट्स अप पर दोनों वाहनों के चालकों को अवगत करा दिया गया, इसलिए उचेहरा पुलिस केवल दिखावे के लिए एक वाहन पकड़ने में सफल हो गयी है।
जिला प्रशासन और पुलिस के लिए सिरदर्द गौ तस्कर
विंध्य प्रदेश के सतना जिले में गौ तस्करी का रैकेट काफी मजबूत हो गया है। सतना शहर के साथ साथ जिले भर के थानों में गौ तस्करों की मदद करने वालों की कोई कमी नहीं है। समय समय पर मवेशियों सहित वाहनों की धरपकड़ होने के बाद भी गौ तस्करी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस के लिए सतना जिले में सबसे बड़ी चुनौती गौ तस्करों का समूह बना हुआ है। मीडिया की आड़ लेकर गौ तस्करों की मदद करने वाले दलाल टाइप के मीडिया कर्मियों की संख्या सतना जिले में पिछले पांच साल के दौरान तेजी से बढ़ी है। यदि वाकई में सतना जिले के माथे पर लगे गौ तस्करी के कलंक को मिटाना है तो जिला प्रशासन को बेलगाम पुलिस के साथ साथ दलालनुमा मीडिया पर भी नियंत्रण करना होगा, तभी गौ माता की रक्षा इन राक्षसों से हो सकेगी।



