छापामार कार्यवाही में बाबा के रिहायशी इलाके से बेशकीमती लकड़ी बरामद


- जंगल बचाओ अभियान से बाबा का रहा है पुराना नाता।
- षडयंत्र पूर्वक फंसाने का अरविंद बाबा ने लगाया आरोप।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। जिले के बजाग वन परिक्षेत्र अंतर्गत शीतल पानी गांव में अरविंद बाबा के रिहायशी ठिकाने पर वन विभाग के अमले द्वारा छापामार कार्यवाही की गई। जिसमें लगभग डेढ़ सौ नग बेशकीमती लकड़िया की सिल्ली, पटिया, चौखट आदि बरामद किए गए हैं। कार्यवाही सोमवार सुबह 5:00 बजे से की गई, जिसमें समनापुर, बजाग, करंजिया,अमरपुर, गाड़ासरई की लगभग 50 से ज्यादा अफसरों न
की टीम ने छापामार कार्यवाही की, जिसमें से कई बेशकीमती लकड़ी बाबा के रिहायशी इलाके में मिले हैं, जिसे लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर बाबा जंगल बचाने की मुहिम से जुड़ कर अवैध काम कैसे कर सकते है, वहीं अरविंद बाबा ने फॉरेस्ट विभाग की कार्यवाही को बदले की कार्यवाही बता कर षडयंत्र पूर्वक फंसाने का आरोप लगाया है,बरहाल मामले की उच्च स्तरीय जांच से ही मामले का खुलासा हो सकता है।
- जंगल बचाओ मुहिम से जुड़े थे बाबा।
गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से अरविंद बाबा बजाक वन परीक्षेत्र अंतर्गत शीतल पानी गांव के रिहायशी वन इलाके में रहते हैं ,जो पिछले कई वर्षों से जगंल बचाओ मुहिम का नारा देकर सक्रिय कार्य कर रहे थे, लेकिन अब उनके इलाकों से कई बेशकीमती लकड़िया मिलने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर बाबा जंगल बचाने की मुहिम को लेकर सक्रिय थे, लेकिन इस गोरखधंधे में कैसे लिप्त हो गए। बताया गया कि सुबह 5:00 बजे की गई कार्रवाई देर शाम तक जारी रही, जहां बड़ी संख्या में जंगल विभाग के कर्मी द्वारा बड़ी संख्या में बेशकीमती लकड़ी बरामद की गई है। बाबा की माने तो इससे पहले जंगल बचाओ अभियान को सक्रियता से कार्य करते हुए जंगल की अवैध कटाई, जंगलों में फंदा लगाकर जानवरों की हत्या आदि के कई मामलों में मुखबिर बनकर वन अमला को सूचित भी करते आ रहे हैं। आरोप है कि इससे पहले भी बाबा के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा चुकी है ,इस कार्यवाही को भी बाबा द्वेषपूर्ण ढंग से कि गई कार्यवाही बता रहे हैं, फिलहाल लोगों ने उच्च स्तरीय जांच कर करवाने की मांग की है, ताकि जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही किया जा सके।



