छतरपुर दर्पणमध्य प्रदेश

श्रीकृष्‍णा विश्‍वविद्यालय में श्रीश्री 1008 श्री उत्‍तम स्‍वामी महाराज का सत्‍संग

 सिटी ऑफिस का हुआ उद्घाटन
छतरपुर। श्री श्री 1008 श्री उत्‍तम स्‍वामी जी महाराज का बुंदेलखण्‍ड धरा पर प्रथम आगमन श्री कृष्‍णा विश्‍वविद्यालय, छतरपुर में हुआ। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक दूरी को ध्‍यान में रखते हुये सभागार में किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ श्री श्री 1008 श्री उत्‍तम स्‍वामी जी महाराज की भक्ति भाव से आरती डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम, माननीय तपन भौमिक एवं डॉ. पुष्‍पेंद्र सिंह गौतम ने आरती उतारी। आरती का गायन सिमरनजीत सिंह संगीत विभागाध्‍यक्ष द्वारा किया गया। कार्यक्रम में तपन भौमिक पूर्व अध्‍यक्ष म.प्र.पर्यटन विकास निगम, भोपाल, डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम कुलाधिपति, पुष्‍पेंद्र सिंह चंदेल सांसद संसदीय क्षेत्र तिंदवारी, महोबा हमीरपुर, चंदला विधायक राजेश प्रजापति, भाजपा जिलाध्‍यक्ष मलखान सिंह, पुष्‍पेंद्र प्रताप सिंह पूर्व अध्‍यक्ष भाजपा, जीतेंद्र सिंह सेंगर जिलाध्‍यक्ष भाजपा महोबा, सुरेंद्र सिंह सरपंच चौका, कु. यशपाल सिंह राठौर पृथ्‍वीपुर, मानवेंद्र सिंह, डॉ. पुष्‍पेंद्र सिंह गौतम, कुलपति डॉ. अनिल धगट उपस्थित रहे। श्री श्री 1008 श्री उत्‍तम स्‍वामी जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि ज्ञान योग ही सबसे बड़ा योग होता है। शिक्षा के क्षेत्र में विश्‍वविद्यालय स्‍थापित करके ईश्‍वरीय धर्म हवन में दोनों भाईयों ने आहुती प्रदान की है। यह एक ईश्‍वरीय कार्य से कम नही है। जीवन की उपलब्धि के लिये द्वेश, छल, प्रपंच एवं अन्‍याय को छोड़कर सत् मार्ग पर चलकर ही हम अपना दायित्‍व निभा पाते हैं। समाज के प्रहार से हमें घबराना नहीं चाहिये बल्कि सचेत होकर आगे प्र‍गति पथ बढ़ते रहना चाहिये। प्रहार को प्रेम से स्‍व‍ीकार कर के सौंदर्य निखरता है अर्थात हम कार्य को श्रेष्‍ठ रूप से करने मे सक्षम होते हैं। व्‍यक्ति चेहरे से नहीं बल्कि चरित्र से प्रभावित होता है। यहां अध्‍ययनरत सभी छात्र कृष्‍ण बनकर देश सेवा करें। इस विश्‍वविद्यालय के दर्शन करना बद्रीनाथ और केदारनाथ के दर्शन करने के समान है।
अतिथियों ने माँ सरस्‍वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्‍जवलन कर एवं पुष्‍प अर्पित कर कार्यक्रम का आगाज किया। बुंदेलखण्‍ड की परम्‍परा का निर्वाहन करते हुये विश्‍वविद्यालय कुलाधिपति डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम के द्वारा श्री श्री 1008 श्री उत्‍तम स्‍वामी जी महाराज को पगड़ी बांधकर किया। समस्‍त अतिथियों का स्‍वागत पुष्‍पहार से किया। स्‍वागत भाषण में चैयरमेन डॉ. पुष्‍पेंद्र सिंह गौतम ने कहा कि श्री स्‍वामी का आशीर्वाद ईश्‍वर के सदृश्‍य हमेशा हमारे साथ है। हमारे व्‍यवधानों को दूर करने में गुरूजी का विशेष योगदान रहा है। स्‍वामी जी आशीर्वाद से हम आज सफलता की सीढि़यों पर प्र‍गतिपथ पर अग्रसर हो रहे है। विश्‍वविद्यालय उपकुलाधिपति तपन भौमिक ने अपने उद्बोधन में स्‍वामी जी के संपूर्ण जीवन वृतां‍त को विस्‍तार से बताया और मुक्‍त स्‍वर से विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना करने में डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम एवं डॉ. पुष्‍पेंद्र सिंह गौतम की प्रशंसा करते हुये राम- लखन से उनकी तुलना करते हुये उन्‍हें कर्तव्‍य परायण बताया। छतरपुर जैसे पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाना एवं विश्‍वविद्यालय स्‍थापित करना बहुत कठिन कार्य था पर सहज रूप से दोनों भाईयों ने कर दिखाया। चंदला विधायक राजेश प्रजापति ने अपने उद्बोधन में बुंदेलखण्‍ड की धरा पर प्रथम आगमन पर स्‍वामी जी के प्रति कृत्‍ज्ञता व्‍यक्‍त की। पुष्‍पेंद्र प्रताप सिंह पूर्व अध्‍यक्ष भारतीय जनता पार्टी ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवाओं की प्रेरणा स्‍त्रोत डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम एवं पुष्‍पेंद्र सिंह गौतम के प्रति आभार व्‍यक्‍त करते हुये कि उनके ही कारण बुंदेली धरा पर स्‍वामी जी का आगमन हुआ एवं बुंदेलखण्‍ड क्षेत्र में छतरपुर में विश्‍वविद्यालय स्‍थापित कर के अपनी मातृभूमि का कर्ज चुकाया है। महोबा संसदीय क्षेत्र सांसद पुष्‍पेंद्र सिंह चंदेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्‍वामी जी के आशीर्वचन सुनकर उनका आशीर्वाद पाकर हम सभी उनकी उपदेशों को आचरण में उतारकर देश सेवा में अपना योगदान देते रहें। उत्‍तम स्‍वामी जी के कर कमलों से ग्रीन ऐवन्‍यू में स्थित श्रीकृष्‍णा विश्‍वविद्यालय के नवीन सिटी ऑफिस का उद्घाटन फीता काटकर किया गया। आभार व्‍यक्‍त करते हुये विश्‍वविद्यालय कुलाधिपति डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम ने कहा कि श्री कृष्‍णा विश्‍वविद्यालय का नाम ईष्‍ट देव श्री कृष्‍ण के नाम रखने का भाव यही है कि जिस भाव से कृष्‍ण जी को देखा वह उसी रूप दृष्टि गोचर हुये और कर्मवीर बनने का उन्‍होंने जो उदाहरण प्रस्‍तुत किया एवं सभी अतिथियों के प्रति उन्‍होंने आभार व्‍यक्‍त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अश्‍वनी कुमार दुबे उपकुलसचिव ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव विजय सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. बी.एस. राजपूत, समस्‍त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्‍टॉफ उपस्थित रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88