निर्माण कार्यो की राशि हेराफेरी करने पर मारगांव सरपंच पद से पृथक

एक ही सडक को मनरेगा से तीन बार स्वीकृत कर राशि आहरण।
समनापुर जनपद के ग्राम पंचायत मारगांव का मामला।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। जिले के समनापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मारगाॅव के सरपंच,सचिव के द्वारा बड़े पैमाने पर किए गये गोलमाल की शिकायते आये दिन आती रही है। ग्रामीणो ने कई बार जिला प्रशासन से शिकायत कर सरपंच सचिव एवं सरपंच पति के विरूद्ध गंभीर आरोप लगाया था। बताया गया कि ग्रामवासियों के द्वारा दी गई शिकायत की जनपद पंचायत के द्वारा जाॅच समिति के माध्यम जाॅच कराया गया था,जाॅच में निर्माण कार्यो में फर्जीवाडा कर बगैर निर्माण कार्य कराये ही राशि आहरण किए जाने का मामला सामने आने पर जनपद पंचायत समनापुर के द्वारा सरपंच को पद से प्रथक करने की कार्रवाई हेतु प्रस्ताव जिला पंचायत भेजा गया था। म.प्र.शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय भोपाल के द्वारा सरपंच के विरूद्ध धारा 40 की कार्यवाही हेतु कलेक्टर को विहित प्राधिकारी घोषित किया गया है । उक्त पत्र के परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिण्डौरी के द्वारा प्र.क्र.91/20-21 सरपंच ग्राम पंचायत मारगांव ज.पं.समनापुर को पद से पृथक करने हेतु प्रकरण जिला दण्डाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।विहित प्राधिकारी के द्वारा प्रकरण का अवलोकन किया गया एवं प्रकरण के साथ संलग्न दस्तावेजों का अध्ययन किया गया । अध्ययन पश्चात् विहित अधिकारी कलेक्टर ने अनावेदिका शशि मार्को प्रधान सरपंच ग्राम पंचायत मारगांव जनपद पंचायत समनापुर के विरूद्ध लगाये गये आरोप प्रमाणित होना पाया गया,
अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर हुई कार्रवाई।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत मारगांव के द्वारा अपने पक्ष समर्थन में दस्तावेज साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, अनावेदिका द्वारा अपने कर्तव्यों में अनियमितता एवं लापरवाही की गई है, जिसके फलस्वरूप उनका पद पर बने रहना लोकहित में अवांछनीय है। सुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत मारगांव को नियत दिनांक को अनावेदिका द्वारा अपने पक्ष समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया । जिससे सिद्ध होता है कि वे अपने प्रतिरक्षण में दस्तावेज , साक्ष्य आदि प्रस्तुत करना नहीं चाहती है। विहित अधिकारी कलेक्टर ने अनावेदिका श्रीमती शशि मार्को ग्राम पंचायत मारगांव जनपद पंचायत समनापुर जिला डिण्डौरी को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 ( 1 ) के अंतर्गत ग्राम पंचायत मारगांव के पद से पृथक किये जाने का आदेश पारित किया गया है। साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समनापुर को निर्देशित किया है कि वे शशि मार्को ग्राम पंचायत मारगांव जनपद पंचायत समनापुर के कार्यकाल की अवधि की विशेष जांच कराई जाये और गबन की गई शासकीय राशि का बसूली हेतु नियमानुसार कार्यवाही किए जाने का आदेश पारित किया गया है।
जांच में जमकर अनियमितताएं आई थी सामने।
जानकारी में बताया गया कि जाॅच समिति के रिपोर्ट में अनियमितता प्रमाणित ग्रामीणों के शिकायत पर जाॅच समिति ने मौका स्थल पर सी.सी.सडक कार्यो का निरीक्षण किया गया, जिसमे सीसी सडक की लम्बाई 104.1 मीटर एवं औसत चैडाई 4.13 मी . पाई गई , नाली निर्माण का कार्य नहीं है , सी.सी.रोड निर्माण रोड से आम के पेड तक सी.सी.सडक निर्माण कार्य की लम्बाई 120 मी . एवं औसत चैडाई 4.00 मी पाई गई , नाली निर्माण नहीं है , विशलाल के घर से प्राथमिक शाला तक सी.सी.रोड निर्माण कार्य में सडक निर्माण कार्य की लम्बाई 73 मी एवं औसत चैडाई 5.7 मी है । उक्त निर्माण कार्यों के अभिलेख उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में स्वीकृत राषि और व्यय की गई राषि का जानकारी स्पष्ट नही हो सका है। इसी तरह बैगाटोला पहुंच मार्ग का मौके पर कार्य का निरीक्षण किया गया वर्तमान में कार्य प्रगतिरत पाय गया, ऑनलाईन रिर्पोट के अनुसार वर्ष 2006-07 में उक्त कार्य के लिए स्वीकृत राशि 5.00 लाख,व्यय राशि 0.67 लाख है,वर्ष 2013-14 में मिटटी मुरूम सडक पंचायत से बैगान टोला स्वीकृत राशि 4.96 लाख एवं व्यय राशि 3.35 लाख है,पुनः वर्ष 2019-20 में एप्रोच रोड पंचायत भवन से बैगानटोला तक स्वीकृत राशि 14.88 लाख एवं व्यय राशि 2.2 लाख है , जाॅच समिति ने पाया कि ग्राम पंचायत एजेंसी द्वारा एक ही सडक तीन बार एक ही योजना से स्वीकृत की है । वही सी.सी.रोड निर्माण कार्य हैण्डपंप से बीरसिंह के घर तक मौके पर नहीं पाया गया । पुलिया निर्माण कार्य प्रा.शा. के पास कार्य का मौके पर ऑनलाईन पोर्टल में दर्ज फोटो का मिलान करने पर कार्य नहीं है , मौके पर प्रधानमंत्री सडक योजना की सडक पुलिया निर्मित है । उसी पुलिया को दर्शाकर राशि गबन किया गया और कार्य को पूर्ण दर्शाया गया है। इसी तरह मुख्य मार्ग से लाला के घर सी.सी. सडक का मौके पर निरीक्षण किया गया था,ग्रामवासियो के द्वारा बताया गया कि कार्य 10 वर्ष पूर्व कराया गया था उसी कार्य को पुनः 4 वर्ष पूर्व पुनः स्वीकृत किया गया है । उक्त कार्य की गुणवत्ता खराब पाई गई और नाली का निर्माण नहीं किया गया है। सेमर पेड से तुला के घर तक सी.सी.सडक निर्माण कार्य का मौके निरीक्षण पर गुणवत्ता खराब पाई गई थी।



