सरकार किसानों को आर्थिक रूप से समर्थ बनाने प्रयासरत् हैः देवसिंह सैयाम

जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में किसानों को हितलाभ वितरित
रानी दुर्गावती कॉलेज परिसर में आयोजित हुआ सम्मेलन
मण्डला। मध्यप्रदेश शासन के तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश भर में किसान सम्मेलन आयोजित किए गए। इसी क्रम में जिला स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन रानी दुर्गावती कॉलेज परिसर में किया गया। कार्यक्रम में विधायक मंडला देवसिंह सैयाम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शैलेष मिश्रा, कलेक्टर हर्षिका सिंह, पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत, जिला पंचायत सीईओ तन्वी हुड्डा, अपर कलेक्टर मीना मसराम, एसडीएम प्रथम कौशिक, जिला पंचायत सदस्य अनीता तिवारी, अंगूरी झारिया, जनपद मंडला अध्यक्ष पांचोबाई पदम, श्री भीष्म द्विवेदी, संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। किसान सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया।
कृषि सुधार बिल से बदलेगी किसानों की तकदीर-किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधायक मंडला देवसिंह सैयाम ने कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक रूप से समर्थ बनाने के लिए प्रयासरत् है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को तकनीकि व आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। सरकार किसानों को मेढ़बंधान से लेकर सिंचाई की सुविधा तक प्रदान करते हुए कृषि को लाभ का धंधा बनाने का प्रयास कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में कृषि की दिशा में किए गए सार्थक प्रयासों के कारण प्रदेश में उत्पादन लगातार बढ़ रहा है जो आने वाले समय के लिए बेहतर संकेत हैं। विधायक देवसिंह सैयाम ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि सुधार कानून में किसानों के हित के लिए बहुत से प्रावधान किए गए हैं। यह कानून किसानों का हितैषी है। संकट के समय में यह कानून किसानों को मददगार साबित होगा। उन्होंने अपने संबोधन में कृषि सुधार बिल में किसानों के हित के लिए किए गए प्रावधानों का विस्तार से उल्लेख किया।
आत्मनिर्भर किसान से ही बनेगा आत्मनिर्भर भारत-किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष शैलेष मिश्रा ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित हैं। आत्मनिर्भर किसान ही आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद रखेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। फसल बीमा, मुआवजा, खाद-बीज वितरण, मृदा परीक्षण, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी आदि क्रांतिकारी योजनाओं के माध्यम से सरकार ने किसानों को मजबूत बनाने का कार्य किया है। इस अवसर पर भीष्म द्विवेदी ने कहा कि कम वर्षा, अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि आदि संकट के समय कृषि सुधार कानून किसानों को सहारा देगा। उन्होंने किसानों का आव्हान किया कि वे कृषि के साथ-साथ कृषि आधारित अन्य गतिविधियां भी संचालित करें जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोत्री हो सके।
बताई गई योजनाएं, हितलाभों का हुआ वितरण-जिला स्तरीय किसान सम्मेलन के प्रारंभ में विभिन्न विभाग के अधिकारियों द्वारा कृषि से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें योजना से लाभ लेने की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टालों से किसानों को कृषि को बेहतर बनाने के संबंध में समुचित मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत् कृषिकों को आपदा राहत राशि, किसान क्रेडिट कार्ड, औषधीय पौधे, ऋण, कृषि यंत्र आदि का वितरण किया गया। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा 32 लाख रूपये के ऋण से स्वीकृत 6 ट्रेक्टरों का वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में अपर कलेक्टर मीना मसराम द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अखिलेश उपाध्याय ने किया।



