जंगल से भटके टाइगर घूम रहे खेत खलियान सड़कों पर

वीक ईनचार्ज फरमा रहे आराम लाखों का बजट फिर भी सुविधाएं ठप पड़ी
सिवनी। एक तरफ जहां बीते दिनों दक्षिण वन मंडल खवासा वन परिक्षेत्र पिंडरई बट्टी मैं बीते दिनों करंट की चपेट में आकर चीते की मौत हो गई इस मामले के बाद एक नजारा फिर देखा गया जहां वन्य प्राणी सड़कों में भटकते नजर आ रहे हैं जिससे आम आदमी तो दहशत में है ही साथ ही वन अमले की पोल भी खुलती नजर आ रही है
सूत्रों की मानें तो वन प्राणी टाईगर की सुरक्षा के लिए शासन के द्वारा कई लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं जिन की निगरानी के लिए जंगल क्षेत्र के अंदर सीसीटीवी कैमरेभी लगाए गए है जिससे कि वन प्राणी की निगरानी एवं सुरक्षा की जा सके लेकिन इतनी सुरक्षा के बावजूद भी टाईगर जंगल सीमा क्षेत्र के बाहर कैसे चले जाते हैं जिसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं रहती ऐसी घटना को देखकर वरिष्ठ अधिकारियों की भी कहीं ना कहीं लापरवाही नजर आती है कुछ समय से यह देखा जा रहा है कि सड़कों में तो कहीं खेतों में कहीं खलियान पर वन प्राणी भटकते नजर आ रहे हैं उल्लेखनीय है कि चीते की मौत के मामले में खवासा बीट अधिकारी अंजू वर्मा ने पिछले दिनों चंद्र घंटे में ही चीता की मौत मामले का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था आरोपियों ने अपने द्वारा लगाए गए करंट एवं चीता की मौत का गुनाह भी कबूल किया था जिनके ऊपर वन विभाग की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर न्यायालय में प्रस्तुत कर आरोपियों को जेल भेजा गया वही ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने वाले डिप्टी रेंजर धनपाल शरणागतऔर वीट गार्ड बलवंत सिंह को तत्काल प्रभाव से हटाया गया कहनहीवाडा क्षेत्र में छुई के जंगल में जंगली जानवरों द्वारा गाय का शिकार किया गया अगर सूत्रों की माने तो बताया जाता है कि वहां टाईगर को विचरण करते कुछ लोगों ने देखा था इसके बावजूद वन हमला कुंभकरण निद्रा में नजर आ रहा है वन प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।



