पुख्ता इंतजाम ना होने से पिड़रूखी खरीदी केंद्र से किसानों की चोरी हो रही धान

खरीदी केंद्र में नहीं है सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम।
केंद्र में सुविधाएं ना होने के कई दिनों तक होना पड़ रहा किसानों को परेशान।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। जिले के बजाग जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पिड़रूखी गांव में शासन द्वारा धान खरीदी केंद्र बनाया गया है,जहां सुविधाओं का अभाव बना हुआ है,पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था ना होने से किसानों के धान भी चोरी हो रहे है। किसानों की माने तो उपज लेकर पहुंचे किसान दो-तीन दिनों तक खरीदी केंद्र के चक्कर काट रहा है, बावजूद कार्यो का निपटारा,बेची गई धान की पावती सहित अन्य कार्यों के ना होने से किसानों को परेशानी हो रही है। बताया गया कि नियमानुसार उपज बेचने के बाद किसानों को बेची गई धान की पावती देना अनिवार्य है, लेकिन जिले के कई धान खरीदी केंद्रों में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा किसानों की उपज की पावती नहीं दी जा रही है।
- सुरक्षा के लिहाज से नहीं लगाई गई फेंसिंग तार।
बताया गया कि एक तरफ जिले भर के धान खरीदी केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए शासन प्रशासन द्वारा लाखों रुपए खर्च किए गए हैं, ताकि किसानों से खरीदी गई धान की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किया जा सके।वही दूसरी ओर जिले के कई खरीदी केंद्र पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कई धान खरीदी केंद्रों में जिम्मेदारों द्वारा फेंसिंग तार भी नहीं लगाई गई, जिससे यहां वहां किसानों के धान रखे नजर आ रहे हैं। फैंसिंग तार ना होने से उपज लेकर पहुंचे खरीदी केंद्र मैं किसानों के धान की सुरक्षा व्यवस्था की कोई गारंटी नहीं है। जबकि किसानों से धान खरीदी के कार्यों में लापरवाही के कारण समय पर कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहे, जिससे किसान परेशान रहते हैं। खरीदी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता ना होने से चोरी होने के मामले लगातार सामने आते ही रहते हैं, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य व जानकारी ना होने के कारण स्थानीय किसान मामले को लेकर पुलिस सहित अन्य से शिकायत भी नहीं कर पाते।
निर्धारित मापदंड से ज्यादा वजन लेने का आरोप।
गौरतलब है कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिए 40 किलो 580 ग्राम निर्धारित की गई है, लेकिन यहां खरीदी प्रभारी की मनमानी पूर्वक रवैया के यहां किसानों से 41 किलो 200 ग्राम की भर्ती किसानों से करवाई जा रही है, जो अनुचित है। जिम्मेदार प्रबंधक धान की तौलाई,सूखी, धान की क्वाल्टी सहित अन्य के नामों पर किसानों से अधिक धान की भराई करवाई जा रही है, जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया कि जिले के अधिकतर धान खरीदी केंद्रों में शासन द्वारा निर्धारित वजन से अधिक वजन की भर्ती किसानों से करवाई जा रही है,जबकि किसानों को केवल 40 किलो प्रति बोरी के हिसाब से ही उपज का भुगतान किया जाना है। बावजूद धान खरीदी केंद्रों में पदस्थ खरीदी प्रभारी द्वारा शासन द्वारा निर्धारित मापदंड को दरकिनार करते हुए अपनी मनमर्जी से धान की तौलाई करवाई जा रही है,क्षेत्रिय किसानों ने जांच कराकर जिम्मेदार प्रबंधकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।



