राज्य शिक्षक संघ/राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा

शिक्षा में किए जा रहे अभिनव प्रयोग बर्दाश्त नहींः जगदीश यादव
राज्य शिक्षक संघ की बैठक में हुआ ऐलान
संवाददाता बिंजन श्रीवास। कटनी/रीठीदर्पण। राज्य शिक्षक संघ एवं राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुंक्त मोर्चा मध्यप्रदेश की प्रांतीय बैठक संघ के प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश यादव की अध्यक्षता में भोपाल के गांधी भवन में आयोजित की गई। बैठक में संघ के प्रांताध्यक्ष ने ऐलान किया कि शिक्षक हित में यदि कुठाराघात किया गया तो संघ हर स्तर तक लड़ाई लड़ेगा, किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली के मामले में कहा कि इस आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाएंगे और दिल्ली की सड़कों तक ले जाएंगे। आंदोलन के प्रथम चरण में ब्लॉक स्तर पर 1 मार्च 2021 को ज्ञापन 22 मार्च 2021 को जिला स्तर ज्ञापन और अप्रैल माह में प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद दिल्ली में प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। फिर भी निराकरण नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को बदनाम करने की दृष्टि से किए जा रहे अभिनव प्रयोग को बंद कराने, कर्मचारियों की लंबित वेतन वृद्धि वह महंगाई भत्ता, सातवें वेतनमान की एरियर्स की एकमुश्त राशि भुगतान करने, क्रमोन्नति/पदोन्नति के प्रकरणों में अभियान चलाकर निराकरण उपरान्त अध्यापक संवर्ग के कृमोन्नति प्राप्त लोकसेवकों को वरिष्ठ पदनाम दिए जाने सहित विभिन्न मांगों को शीघ्र ही मुख्यमंत्री के समक्ष रख कर निराकरण कराया जाएगा। जिला स्तर से आई समस्याओं का निदान भोपाल स्तर पर आगामी दो दिवस के अंदर अधिकारियों से मिलकर कराया जाएगा। साथ ही संघ की सदस्यता अभियान शत-प्रतिशत 31 मार्च 2021तक की जाएगी, जिसमें आजीवन सदस्य, सक्रिय सदस्य एवम सामान्य सदस्य बनाये जाएंगे।
राज्य शिक्षक संघ एवम राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा का विस्तार करते हुये जिला, ब्लॉक व तहसील स्तर पर कार्यकारिणी गठित की जाएगी। मोर्चा के राष्ट्रीय संरक्षक श्री दर्शन सिंह चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के कर्मचारी मेरी आत्मा हैं और मैं सदा ही कदम से कदम मिलाकर हर स्तर पर उनकी मदद करता रहूंगा।
उक्त अवसर पर मुख्य रुप से उपस्थित रहे श्रीमती प्रीता पटेल, शैलेन्द्र त्रिपाठी, नगेंद्र त्रिपाठी, राजेश एलिया, करतार सिंह राजपूत, नरेंद्र त्रिपाठी, सियाराम पटेल, कोमल सिंह पटेल, विपिन तिवारी, प्रशांत दीक्षित, राधेश्याम पूर्विया दिनेश शुक्ला, उमेश ठाकुर, गजेंद्र बछले, गजराज सिसोदिया, सुरेश दांगी, सुखेंद्र सिंह चौहान, जितेंद्र सोहनी, हरगोविंद दुबे, प्रमेन्द्र सिंह जाट, रामचरित रावत, रामगोपाल शिवहरे, दिलीप रघुवंशी, राजराम सेन, नरेंद्र भार्गव, दामोदर धाकड़, कमलेश शर्मा, रामनिवास जाट, भीम धौटे, नीरज गलफट, हिमरत सिंह तोमर, बसंत शर्मा, देवेंद्र सोलंकी, गजेंद्र सिंह चंद्रावत, अनिल सांकला, अजय खरे, ज्योति वाडेकर, करुणा मालवीय, सुमारु खैरवार, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, अनिल पगारे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।



