जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

नशे की लत में बलि चढ़ती युवा पीढ़ी…

पुलिस व नेताओं के सरक्षंण में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में फल फूल रहा नशे का कारोबार

मनीष श्रीवास रिपोर्टर जबलपुर/सिहोरा। नशा ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर में सरलता से पाया जा रहा है, इसी प्रकार कई जगहों में शाम ढ़लते ही इन नशीली दवाओं की शीशियों को रोज देखा जा रहा है। इस लत को लेकर कुछ पीडि़त परिवार के सदस्यों ने अपनी बात और नये युवाओं को लेकर मीडिया के सामने बतलाई ।इनके द्वारा बताया गया कि नवयुवकों में सीरप (ओनरेक्स) शब्द का प्रचलन काफी बढ़ गया है, जिसे पीने के आदी ग्रामीण क्षेत्र व शहर के युवक हो गए हैं। ओनरेक्स वर्तमान में धड़ल्ले से बेचीं जा रही है। गोसलपुर की नालियों में सार्वजनिक पेशाबघर और नगर के बाहर तलाब के किनारे पड़ी ओनरेक्स की बोतलें इसका गवाह है। लोगों का कहना है कि ओनरेक्स पीने से नशा आता है। इसे पीने से उसका साइड इफेक्ट इन पीने वालों को पता नहीं है और युवा पीढ़ी इस दलदल में फंसते चले जा रहे हैं। जबकि नगर की नई युवा पीढ़ी के युवक इसके आदि होते जा रहे हैं। उन्हें खाने से अधिक चिंता ओनरेक्स की बोतलें जुटाने की रहती है। बिना रोकथाम के ओनरेक्स गोसलपुर में बिकता रहा तो अधिकतर युवक इसके एडिक्ट हो जाऐंगे।
नई युवा पीढ़ी हो रहीं हैं इसकी चपेट में -नरेक्स जैसे धीमा जहर के नशे की लत के शिकार युवाओं ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि ओनरेक्स पीने से शरीर एक दम सुस्त हो जाता है और इसका सेवन करने से घर के लोग यह नही समझ पाते कि नशा किया हुआ है या नहीं जबकि शराब या अन्य नशे की मुंह से बदबू आने पर घर के लोग पहचान जाते हैं। लेकिन ओनरेक्स लेने पर कोई नही समझ पाता। एक युवा ने यह भी बताया कि ओनरेक्स की शीशी अंग्रेजी शराब से कम कीमत में आ जाती है लेकिन इसके सेवन करने के तुरंत बाद ही मीठा खाने या चाय पीने को जी मचलता है। एक नशेड़ी के पिता ने बताया कि इसका नशा करने वाले के कंपन होने लगता है और शांत होकर सनके रहते हैं । लेकिन कोई काम नही कर पाते और शरीर मे शून्यता आ जाती है। जबकि इसकी लत लगने के बाद इसके बिना नही रह सकते हैं । और नींद भी नही आती बिना ओनरेक्स के नशा किया बिना नही रहा जाता हैं ।
ओनरेक्स का व्यापार किसके पास ,युवा पीढ़ी को कहा से हो रही हैं ये प्राप्त – मेडिकल स्टोर्स से नही मिलती फिर भी हो रही सप्लाई ओनरेक्स की खपत दवा दुकान में इसका दुरुपयोग खोने की वजह से इसकी बिक्री प्रतिबन्धित है फिर भी दिन में करीब 45 से 50 सीसी तक बिक्री हो जाती हैं।
क्या कहते हैं इस सम्बंध में चिकित्सक अधिकारी -इस संबंध में डॉ. दीपक गायकवाड़ (स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर) ने बताया कि किसी भी चीज का एडिक्ट होने पर उसका साइड इफेक्ट है। इसके सेवन से लीवर पर असर पड़ता है। अगर इसे लोग नशा के लिए उपयोग करते हैं तो हार्ट एवं लीवर पर भी इसका असर पड़ सकता है।

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