कमलनाथ पर दर्ज एफआईआर का नपाध्यक्ष ने किया विरोध

मैहर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ दर्ज की गई एफआइआर का विरोध कांग्रेस नेताओं ने शुरू कर दिया है। सोमवार को नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष धर्मेश घई ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में मुखरता के साथ शुरू किया है । कमल नाथ के खिलाफ दर्ज किए गए मामले से कांग्रेसियों में खासा आक्रोश है। नपा अध्यक्ष घर्मेश घई का कहना है कि संस्कारों का दम भरने वाली भारतीय जनता पार्टी ने एकदम झूठी और तथ्यहीन शिकायत पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में गलत परंपराओं को प्रारंभ कर रही है । यह विपक्ष की आवाज को दबाने और कुचलने का प्रयास है। यह बीजेपी सरकार की तानाशाही और हिटलरशाही है कमलनाथ जी का राजनीतिक जीवन एक सच्चे राष्ट्र सेवक के रूप में रहा है प्रदेश ही नहीं देश के महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी का निर्वाहन कुशलतापूर्वक किया है कमलनाथ जी के स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा करने के लिये हर कांग्रेस जन उनके साथ मैदान में खडा रहेगा। यदि एफआईआर वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस कार्यकर्ता कोरोना नियमो का पालन करते हुये अंदोलन करेंगे और सरकार को मामले को वापस लेने के लिए मजबूर कर देंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के कोरोना को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा ने एफआईआर दर्ज कराई है। इससे क्षेत्र के कांग्रेसियों में भी काफी आक्रोश है। धर्मेश घई का कहना था कि कमल नाथ ने कुछ गलत नहीं कहा। उन्होंने बस प्रदेश की भाजपा सरकार की नाकामी को बताया है। प्रदेश व केन्द्र की भाजपा सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने में तो असफल रही ही है। साथ ही मरीजों के लिए व्यवस्थाएं करने में भी नाकाम रही है। इस वजह से कोरोना से प्रदेश सहित देश में लाखों की लोगों की मौत हुई है। जब कोई राजनीतिक दल का व्यक्ति सरकार के खिलाफ कुछ कह देता है तो भाजपा के बड़े नेता उसके खिलाफ पुलिस का उपयोग करके मामला दर्ज करा देते हैं। लेकिन कांग्रेस व कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की हरकत से डरने वाले नहीं हैं। बल्कि जमकर विरोध करेंगे।



