कोरोना से मृत्यु हो जाने पर आश्रितों को पांच हजार मासिक पेंशन एवं एक लाख रूपये दिए जाएंगेः खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री

अनूपपुर कोरोना संक्रमण की वजह से किसी परिवार के मुखिया अथवा कमाऊ सदस्य की मृत्यु हो जाने पर आश्रित परिवार को पांच हजार रूपये मासिक पेंशन एवं एक लाख रूपये की राशि दी जाएगी। जनप्रतिनिधि एवं क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य यह बात आम लोगों को बताएं, और उनके प्रकरण बनवाने में मदद करें, ताकि वे शासन की इस योजना का लाभ प्राप्त कर संके। यह जानकारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहू लाल सिंह ने जैतहरी में संपन्न हुई खंड स्तरीय क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में भाग लेते हुए कही।
मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने जनप्रतिनिधियों एवं कमेटी सदस्यों से कहा कि वे यह देखें कि जिन घरों में जिन व्यक्तियों में कोरोना के लक्षण हैं, उन्हें फौरन कोविड केयर सेंटर भिजवाएं। क्योंकि ऐसे व्यक्तियों को घरों में रखने से परिवार के अन्य सदस्यों एवं घर में आने जाने वाले अन्य व्यक्तियों को संक्रमण हो जाता है। श्री सिंह ने सदस्यों से कहा कि वह गांवों में घूम-घूम कर कड़ाई से सुनिश्चित करें कि एक गांव से दूसरे गांव में लोग ना जाएं और ना ही गांव में इधर-उधर घूमें। आपने कहा कि अभी और अधिक सावधानी रखने की जरुरत है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह सिंह ने पुष्पराजगढ़ में खंड स्तरीय क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक लेते हुए सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों से कहा कि यह आदिवासी बहुल क्षेत्र है, लिहाजा क्षेत्र के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए समझाने की अधिक जरूरत है। इसके लिए वे गांव के सरपंचों को प्रेरित करें कि वह ग्रामवासियों को वैक्सीनेशन लगवाने के फायदों और उसके ना लगवाने से होने वाले नुकसान से परिचित कराएं। इसके लिए वे इससे संबंधित पर्चे भी लोगों में बंटवायें।
आपने कहा कि जब तक कमेटी सदस्य और जनप्रतिनिधि मिलजुलकर इस काम में हाथ नहीं बटाएंगे, तब तक कोरोना संक्रमण पर काबू पाना कठिन होगा। बैठक में कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक श्री मांगीलाल सोंलकी, सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह, जिला सहकारी बैंक के पूर्व संचालक श्री बृजेष गौतम समेत विभिन्न विभागों के अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।
मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने जनप्रतिनिधियों एवं सदस्यों से कहा कि वे ग्राम पंचायतों का दौरा कर वहां के हालातों पर नजर रखें और कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए प्रषासनिक अमलों को सहयोग दें। जो गांव कोरोना संक्रमण मुक्त हो गए हैं, वहां कोरोना मुक्त गांव का बोर्ड लगवाएं। आपने कहा कि 24 श्रेणियों के परिवारों के सदस्यों को 25 किलो राशन दिया जाएगा। पात्र व्यक्तियों को ढूंढ़कर वे इसका लाभ दिलवाना सुनिश्चित करें।
आपने सदस्यों द्वारा ध्यान आकर्षित कराने पर कहा कि किसानों के लिए सहकारी समितियों पर खाद एवं बीज देने की व्यवस्था की जाएगी। आपने विवाह समारोह रुकवाने के लिए कार्रवाई करने के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को निर्देश दिए।
कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने कमेटी सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों से कहा कि कोरोना की आखिरी लड़ाई में उनका सहयोग जरूरी है और उन्हीं के सहयोग से इसे जीता जा सकेगा। आपने कहा कि कोरोना के प्रति अभी हमें 15 दिन और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। इसकी रोकथाम के लिए ग्राम स्तर पर काम कर रही प्रशासन की टीमों को भी सहयोग करें। घरों में आइसोलेट मरीजों को कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट कराएं। आपने कहा कि किल कोरोना अभियान आगे भी चलता रहेगा।
क्षेत्रीय सांसद हिमाद्री सिंह ने कहा कि वैक्सीन को लेकर ग्रामवासियों में भ्रम फैलने से वे वैक्सीन लगवाने से झिझक रहे हैं। आप ने सुझाव दिया कि प्रशासनिक अमले और जनप्रतिनिधियों को इस भ्रम को दूर कर वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित करना चाहिए। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व संचालक श्री बृजेश गौतम ने आइसोलेट मरीजों को कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट करने का सुझाव दिया। आपने गांवों में जाकर वैक्सीनेशन एवं जन जाग्रति में जनप्रतिनिधियों के सहयोग की जरूरत जताई।
कोरोना संक्रमण काल में गरीब परिवारों को मिलेगा पांच माह का राशन
अनूपपुर कोरोना संक्रमण काल में 24 श्रेणीयों के पात्रता संबंधी दस्तावेज उपलब्ध ना होने पर संबंधित श्रेणी में होने का आवेदन सह-घोषणा पत्र स्थानीय निकायों में प्रस्तुत करने पर संबंधित परिवार को 5 माह का राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि इन श्रेणियों में समस्त बीपीएल परिवार, वन अधिकार पट्टेधारी, समस्त भूमिहीन कोटवार, मध्यप्रदेश में निवासरत समस्त अनुसूचित जाति के परिवार, मध्यप्रदेश में निवासरत समस्त अनुसूचित जनजाति के परिवार, वर्ष 2013-14 प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवार जिनकी फसलों से क्षति 50 प्रतिशत या उससे अधिक हो, समस्त ऐसे व्यक्ति जो मध्यप्रदेश भवन तथा अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक हैं एवं उन पर आश्रित परिवार के सदस्य, बंद पड़ी मिलों में नियोजित पूर्व श्रमिक, बीड़ी श्रमिक कल्याण निधि अधिनियम 1972 के परिचय पात्रता धारी बीड़ी श्रमिक, ग्रामीण क्षेत्रों के समस्त ऐसे व्यक्ति जो मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना अंतर्गत भूमिहीन खेतिहर पंजीकृत मजदूर एवं आश्रित परिवार के सदस्य, साइकिल रिक्शा चालक एवं हाथ ठेला चालक कल्याण योजना में पंजीकृत व्यक्ति तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत साइकिल रिक्शा हाथ ठेला चालक एवं परिवार के सदस्य, घरेलू कामकाजी महिलाएं, फेरीवाले, नगरी निकायों में पंजीकृत केशशिल्पी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पंजीकृत हितग्राही एवं परिवार के सदस्य, अनाथ आश्रम/निराश्रित विकलांग छात्रावासों में निवासरत बच्चे तथा वृद्वाश्रमों में निःशुल्क निवासरत वृद्वजन, पंजीकृत बहुविकलांग एवं मंदबुद्वि व्यक्ति, रेल्वे में पंजीकृत कुली, मंडियों में अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटी, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग अंतर्गत पंजीकृत बुनकर एवं षिल्पी, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, मत्स्य पालन करने वाले सहकारी समितियों में पंजीकृत परिवार/सदस्य, पंजीकृत व्यवसायिक वाहन चालक/परिचालक, विमुक्त घुमक्कड़ एवं अद्र्व घुमक्कड़ जातियों के परिवार जो पूर्व से अनुसूचित जाति जनजाति परिवारों से छूटे हैं, शामिल हैं।



