संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने की हड़ताल

मंडला। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियो की अनिश्चितकालीन हडताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हडताल के तीसरे दिन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियो ने बिछिया विधायक नारायण पटटा एवं निवास विधायक डाॅ.अशोक मर्सकोले को ज्ञापन सौापकर समर्थन मांगा।
दोनो विधायक ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियो की मांग को जायज ठहराते हुए समर्थन में पत्र प्रदान किया। संविदा स्वास्थ्य कर्मियो ने बिछिया विधायक नारायण पटटा से मुलाकात कर अपनी दोनो मांग नियमित कर्मचारियो के वेतन का 90 प्रतिशत एवं निष्कासित कर्मियो को वापस लिये जाने की मांग से अवगत कराया। विधायक श्री पटटा ने कहा कि जब नीति पारित की जा चुकी है तो संविदा स्वास्थ्य कर्मियो को 90 फीसदी वेतन दिया जाना चाहिये जिससे।
वहीं निवास विधायक डाॅ. अशोक मर्सकोले ने कहा कि प्रदेश सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। तीन साल के बाद भी लाभ नहीं दिया जाना अन्याय पूर्ण है। दोनो विधायक ने अपने समर्थन का पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री से अनुंशंसा की कि संविदा स्वास्थ्य कर्मियो की मांगो को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाये जिससे स्वास्थ्य कर्मी बिना किसी परेशानी के अपनी सेवाएं प्रदान करते रहे।
संगठन के जिलाध्यक्ष ने बताया कि 5 जून 2018 को राज्य शासन द्वारा संविदा के लिए लागू नीति को अधिकांश विभागो में लागू कर दिया गया है लेकिन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियो की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मियो की हडताल-इसके साथ निष्कासित व आउटसोर्स किये गये कर्मियो को एनएचएम में वापस लिये जाने की मांग है। हडताल का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। करीब 350 से अधिक संविदा कर्मचारी हडताल पर है। महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रभावित हो गये। नियमित टीकाकरण, कोविड टीकाकरण, किल कोरोना अभियान-4, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, आनलाइन पोर्टल, ओपीडी समेत अन्य कार्य ठप्प पड गये है। कर्मचारियो की मांग है कि तीन साल पूर्व लागू की गई नीति को क्रियान्वित करते हुए संविदा कर्मियो को लाभ दिया जाये।



