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धर्म,धर्मात्मा के बिना नहीं बन सकता : मुनिश्री सुधासागर

11 वर्ष बाद मुनि संघ का हुआ पुनः आगमन, संस्कारधानी वासियों ने की भव्य आगवानी

जबलपुर दर्पण (आशीष जैन)। संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य निर्यापक मुनि पुंगव श्रीसुधा सागर महाराज का मुनि पूज्य सागर, ऐलक धैर्य सागर, छुल्लक गंभीर सागर के साथ ससंघ संस्कारधानी जबलपुर में आज प्रातः मंगल आगमन हुआ। संस्कारधानी जैन समाज के सभी लोगों ने सपरिवार दमोह नाका चौक में एकत्रित होकर मुनि महाराज का स्वागत अभिनंदन एवं वंदन किया।गाजे-बाजे के साथ कमानिया गेट स्थिति लाडगंज जैन मंदिर बड़े फव्वारा आकर मंगल प्रवचन के साथ आशीर्वाद प्राप्त किया।

निर्यापक मुनिश्री सुधा सागर महाराज का सन 2011 में नगर आगमन हुआ था। आज यह सुअवसर संस्कारधानी जैन समाज को पुनः प्राप्त हुआ है। संपूर्ण समाज में हर्ष व्याप्त है। आज की एक भव्य अगवानी की रैली में मुनिश्री के साथ संपूर्ण जैन समाज उनके पीछे चलता नजर आया। ग्यारह वर्षों के अंतराल के बाद पुनः प्राप्त इस शुभ अवसर को हर कोई देखना और मुनि को नमोस्तु करना चाह रहा था।

बड़े फव्वारा मैं आयोजित विशेष मंच पर सर्वप्रथम मुनि सुधासागर महाराज का पाद प्रक्षालन नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी सत्यम जैन एवं उनके परिवार के द्वारा किया गया। पवन जैन, प्रकाश जैन, दीपक जैन चौधरी परिवार में मुनि श्री को शास्त्र जिनवाणी भेंट की। प्रशासन एवं पुलिस विभाग की ओर से कोतवाली थाना प्रभारी अनिल गुप्ता, जैन नवयुवक सभा, लॉर्डगंज जैन मंदिर समिति एवं भेड़ाघाट जैन मंदिर कमेटी के सदस्यों ने निर्यापक मुनिश्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर महाराज ने मंगल प्रवचनों के माध्यम से कहा आज जैन धर्म के पांचवे तीर्थंकर भगवान श्री सुमतिनाथ का जन्म तप ज्ञान एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव का दिन है। मैं जबलपुर हनुमान ताल जैन मंदिर में स्थित भगवान आदिनाथ के दर्शन करने विशेष रूप से आया। भगवान आदिनाथ की यह प्रतिमा अत्यंत चमत्कारी एवं अनोखी है। धर्म, धर्मात्मा के बिना नहीं बन सकता। हर भक्त भगवान बन सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को भगवान बनने का अधिकार है और वह भगवान बनने के योग्य है। जैन दर्शन सूर्य के समान है। जिस प्रकार सूर्य निकलता है। उसका काम है निकलना, प्रकाश देना। सभी को एक समान रूप से प्रकाश देता है वह किसी में भेद नहीं करता। एक समान प्रकाश हर व्यक्ति और स्थान को एक साथ प्राप्त होता है। उसी प्रकार जैन दर्शन भी हर प्राणी के लिए है। मुनिश्री ने विशेष रूप से प्रवचनों में कहा कि अन्न का कण और साधू के क्षण को कभी बरबाद नही करना चाहिए।

मुनिश्री की भव्य अगवानी उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक विनय सक्सेना, प्राणेश जैन, समीर जैन, नीरज जैन, झूलेलाल जैन, विजय जैन, संजय जैन, मुकेश जैन लोकसेवा, सनी जैन सहित हजारों की संख्या में आमजनों सामाजिक बंधु उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन की विशेष व्यवस्था एवं सहयोग सराहनीय रहा।

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