शहरी क्षेत्रों में लोग बरसात के पहले दिन ही घरों में पानी घुसने से लोग परेशान?

गोवर्धन गुप्ता मैहर। कोरोना काल के बाद अब लोग बरसात से तंग नजर आए आज 15 जून को पहली बरसात ने ऐसा कहर डाला को एशिया का सबसे बड़े कालोनी एमपी हाउसिंग बोर्ड और नगर पालिका कार्यालय बस स्टैंड देवीजी बंधा बैरियल में पानी ही पानी दिखने लगा इसके पहले भी बरसातों में पानी की समस्याओं को लेकर नगर पालिका ने ताबड़तोड़ नालियो का निर्माण किया उसके बाद भी शहर का पानी शहर में ही भरता है ऐसे में सवाल यह उठता है कि नालियों का निर्माण क्या अंगूठा छाप की नक्शा बनाई पर निर्माण किया गया है या पढ़े लिखे इंजीनियरों की बनाई नक्शा पर नालियों का निर्माण किया जाता मौके पर बनी सबसे बड़ी नाली जो शहर से बाहर निकलने वाली नाली कन्याशाला होते हुए देवी जी रोड़ हनुमान टोला के रास्ते पुलघटा लिलजी नदी में जोड़ी गई उसके बाद भी हल्की से बरसात होते ही एक बूंद पानी नाली से लिलजी नदी तरफ नही जजता बल्की देखने मे ये आता है कि उल्टा पानी शहर तरफ लौटता है क्या इसी स्थित के लिए नगर पालिका ऐसे इंजीनियरों को रखी है कि शहर की नाली की नक्शा ही बनाना नही आता और शहर की जनता को इसकी व्यवस्था के नाम पर अव्यवस्था फैला दी जाती है कालोनी वाले अपने अपने घरों के सामने बरसात का पानी निकालने में जुट जाते है क्या इसी दिन के लिए शहरी क्षेत्रों के लोग हर साल शुल्क देते है टेक्स के नाम पर की खुद ही अपनी व्यवस्था करने के लिए ?? नगर पालिका का अमला और सीएमओ की लापरवाही के चलते अब नहीं रहा लगाम में वह यह कि पहली मानसून की बौछार रूपी बरसात में नगरपालिका के सामने का कार्यालय लबालब हो गया धिक्कार है ऐसी नगर पालिका के आधिकारियों को जो वैसे तो रहते है पूरे दिन कार्यालय में फिर भी नाली की सफाई और एलाइनमेंट आज तक नहीं सुधार पाए पता नहीं कौन सी विपत्ति और विपदा का इन्तजार कर रहे है ।



