नींदा नाशक दवा का छिड़काव करने से सोयाबीन की फसल को नुकसान, किसानों ने मांगा मुआवजा

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के करंजिया जनपद क्षेत्र अंतर्गत किसानों ने आरोप लगाया कि नींदा नाशक दवा का छिड़काव खेतों में करने से सोयाबीन की लगभग 90% फसल खराब हो गई है। मामला सामने आने के बाद किसानों ने दुकानदार से मुआवजे की मांग करते हुए विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई थी। पिछले दिनों मौके पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और क्षतिग्रस्त हुई फसलों की मुआवजा करते हुए, मौके पर पंचनामा बनाया और जांच प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा दिया गया है। किसानों ने जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त हुई सोयाबीन की फसल के जिम्मेदार दुकानदार पर कार्यवाही करने की मांग गई की है। बताया गया कि लगभग 40 एकड़ की भूमि में बौई गई सोयाबीन की फसल से खरपतवार को नष्ट करने के लिए किसानों ने नींदा नाशक दवा का छिड़काव किया था, दवा का छिड़काव करने से कुछ दिनों बाद उल्टा सोयाबीन की फसल ही नष्ट होना शुरू हो गई। दर्जनों एकड़ भूमि में बौई गई सोयाबीन की फसल नष्ट हो जाने से किसानों को लाखों रुपए की आर्थिक क्षति हुई है।
40 एकड़ भूमि पर बौई गई थी सोयाबीन की फसल-जिले के जनपद पंचायत करंजिया के किसान ओम प्रकाश राय, शिवम राय व रामेश्वर राय ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक निजी दुकान दार से खरपतवार नष्ट करने के लिए दवा खरीदा था,बकायदा नियमानुसार खेतों में दवा का छिड़काव करने के बाद सोयाबीन की फसल ही खराब होने लगी। किसानों ने बताया कि दवा का छिड़काव करने के लगभग 15 दिनों बाद सोयाबीन की लगभग 90% फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। आरोप है कि 40 एकड़ भूमि में बोई गई सोयाबीन की फसल नष्ट हो जाने से किसानों को लगभग चार लाख रूपए की आर्थिक क्षति हुई है।किसानों ने जांच करा कर जिम्मेदार दवा दुकानदार पर कार्रवाई करने की मांग करते शासन प्रशासन ने उचित मुआवजा दिलाएं जाने की मांग की गई है। स्थानीय सूत्रों की माने तो कीटनाशक दवा, खरपतवार नष्ट करने की दवा सहित अन्य दवा बिक्री के नाम पर जिले के कुछ दवा दुकानों में गड़बड़झाला चल रहा है। आरोप है कि एक्सपायरी डेट की दवाओं के ऊपर स्टीकर बदलकर पुनः नई ब्रांड बताकर किसानों को बेचकर धोखाधड़ी की जा रही है। जिससे कि कुछ किसानों की फसलों में नींदा नाशक दवा का छिड़काव करने से कंपनी के दावों मुताबिक दवा काम नहीं कर रही, उल्टा फसलें ही नष्ट हो रही है।



