कोटा वर्कशाॅप ने 100 वॉटर टैंक वैगनों को किया तैयार

जबलपुर दर्पण। महाराष्ट्र हो या तमिलनाडु जहाॅं कहीं भी पानी की किल्लत होती है तो रेलवे के जरिए पेयजल की आपूर्ति वाॅटर टैंक के माध्यम से की जाती है और इसके लिए बीटीपीएन टाईप के टैंक वैगन जो अमूमन पेट्रोल, डीजल, काला तेल, वेज आईल के परिवहन में काम में आते हैं इन्हें साफ-सुथरा बनाने के लिए कोटा स्थित वैगन रिपेयर वर्कशाॅप में भेजा जाता है । राजस्थान में गर्मियों में पानी की किल्लत की कमी को देखते हुए रेलवे बोर्ड द्वारा कोटा मण्डल में वैगन रिपेयर शाप कोटा को 50-50 वेगन्स के दो रेक यानि 100 वाटर टैंकर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, महज एक पखवाड़े में ही कोटा वैगन रिपेयर वर्कशाॅप ने ये काम करके दिखा दिया है। और इन वाॅटर टैंक वैगनों का इस्तेमाल अब पेयजल परिवहन के लिए किया जाने लगा है ।
मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि रेलवे के टैंकर वेगन पेट्रोल, डीजल, काला तेल, वेज आयल एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने का काम करते हैं लेकिन इन वेगनों को बेहतर साफ-सफाई कर पानी की सप्लाई के लिए वाटर टैंक, में कनवर्जन के लिए जब बीटीपीएन वैगन वर्कशॉप कोटा को प्राप्त हुआ तो सबसे पहले उसकी स्टीम क्लिनिंग की गई जिसमें 8 घंटे के लिए बैरल में स्टीम एप्लाई की गई जिससे बैरल पर लगे स्लज उसकी तलहटी पर पहुच गये इसके पश्चात डिस्मेन्टल का कार्य प्रारम्म किया गया जिसमें सेफ्टी वाल्व, मेन होल कवर एंव बीडी वाल्व डिस्चार्ज पाईप की ओपनिंग कर वेगन को सफाई के लिए टैंक शॉप भेजा गया। कोटा कारखाने को कन्वर्जन के लिए पहला रैक 6 अप्रैल को प्राप्त हुआ जिसे 12 अप्रेल को सौंप दिया।



