नवागत पदस्थ एसपी ने तत्काल बुलाई पत्रकार वार्ता, प्रमुखता से बतलाई प्राथमिकताएं

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। डिंडोरी जिला पुलिस बल में तैनात पुलिस कप्तान संजय सिंह के 45 दिवसीय स्पेशल ट्रेनिंग पर रवाना होने के मद्देनजर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जिले की कमान संभाल रहे 2016 बैच के आईपीएस कमांडेंट 36 वी बटालियन बालाघाट अमित कुमार ने अपनी कार्यशैली की प्राथमिकताएं जाहिर कर दी हैं। बुधवार को पत्रकारों से रूबरू होकर नवागत पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जिले की जनता की मूल समस्याओं और अपराधियों की जानकारी साझा कर बताया कि जिले में सूदखोरों के विरुद्ध अभियान सतत जारी रहेगा। अभियान को गति देने की कवायद थाना और जिला स्तर पर शिकायत निवारण केम्प भी आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही सूचना देने एसपी ने उपनिरीक्षक राहुल तिवारी को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया है। ऐसे मामलों में सीधे तौर पर शिकायत नहीं करने वाले सूदखोरी के शिकार व्यक्तियों को सूचना देने की सहूलियत के लिए पुलिस ने मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप नंबर 9425853560 ,7999766912 भी जारी किया गया है। जिसमें ब्याजी कारोबारियों की शिकायत भी की जा सकती है। गौरतलब है कि आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में अत्यधिक ब्याज और अनैतिक तरीके से पैसा उधार देने का प्रचलन है।
उपनिरीक्षक राहुल तिवारी को बनाया गया नोडल अधिकारी-गौरतलब है कि आदिवासी जिला होने के चलते क्षेत्र में साहूकारी यानी सूदखोरी पूरी तरह प्रतिबंधित है। लेकिन मुसीबत में फंसे लोगों की मजबूरी का फायदा उठा सेठ और कतिपय लोग गिरोह की शक्ल में मोटी ब्याज दर पर सूदखोरी का अवैध धंधा संचालित कर रहे हैं। जिला मुख्यालय के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में गोरखधंधा जमकर फल फूल रहा है। आलम यह है कि शादी, पढ़ाई, इलाज अथवा उधारी चुकाने के लिए सूदखोरों की प्रताड़ना का शिकार बनते हैं। ब्याज पर रुपए देने के पहले संबंधितों के एटीएम, पासबुक, हस्ताक्षर युक्त स्टाम्प, बैंक निकासी पर्ची, चेक बुक जप्त करने तक से सूदखोर नहीं चूकते।पत्रकार वार्ता के दौरान ASP विवेक कुमार लाल, ट्रैफिक प्रभारी उपनिरीक्षक राहुल तिवारी की मौजूदगी में एसपी अमित कुमार ने क्षेत्र में मिलावटखोरों सहित अन्य अपराधों पर भी निगरानी रखने और कार्यवाही का भरोसा दिलाया गया। गौरतलब है कि गैरकानूनी तरीके से सूदखोरी के लिए नागरिकों को प्रताड़ित करने पर अधिनियम की धारा 23 के तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान है। लेकिन पीड़ितों द्वारा पुलिस अथवा एसडीएम को शिकायत नही करने की दशा में करवाई नही हो पाती है। जिसके मद्देनजर अब इस बाबद पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस कंट्रोल रूम में पत्रकार वार्ता के दौरान जिले के पुलिस अधिकारी व पत्रकार मौजूद रहे।



