राधेलाल नरेटी को, कोर्ट से मिली राहत

मण्डला। राधेलाल नरेटी औषधि संयोजक के द्वारा वर्ष 2016 में विभागीय कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कर्मचारी नेता की हैसियत से ज्ञापन दिए जाने एवं पत्राचार किए जाने पर आयुष अधिकारी द्वारा राधेलाल नरेटी के खिलाफ नियम विरुद्ध अनैतिक कार्यवाहियों का जो सिलसिला शुरू किया गया था उस पर हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा रोक लगा दी गई है एवं विभाग को निर्देशित किया गया है कि एक महीने के अंदर राधेलाल नरेटी के विरुद्ध चल रहे सभी झूठे प्रकरणों को समाप्त करके न्यायालय को सूचित करें ।
विषयांतर्गत राधेलाल नरेटी ने बताया है कि 2016 में तत्कालीन जिला आयुष अधिकारी ने मेरे विरुद्ध मुझे परेशान करने का जो अभियान चलाया था वह अभियान उनके जाने के बाद जितने भी जिला आयुष अधिकारी आये उनके द्वारा भी जारी रखा गया बाद मेरे विरुद्ध चलाए जा रहे इस अभियान में संभागीय आयुष अधिकारी और फिर आयुक्त को भी सम्मिलित कर लिया गया । इस प्रकार मुझ छोटे से कर्मचारी को बहुत प्रकार से उत्पीड़ित किया गया। जिसके अंतर्गत जैसे गाली-गलौच का झूठा आरोप लगाना, नियम विरुद्ध वेतन रोकना, नियम विरुद्ध ट्रांसफर करना, नियम विरुद्ध थाने में शिकायत दर्ज करवाना, चरित्र हनन का प्रयास करना, और तरह तरह के झूठे आरोप लगाना शामिल हैं ।
मैं राधेलाल नरेटी बहुत परेशान तो हुआ किन्तु मुझे विश्वास था कि आखिरकार सच्चाई की जीत होगी। मैंने विभागीय अधिकारियों से निराश होकर के 06 दिसम्बर 2020 में न्यायालय की शरण ली जहां से मुझे दिनांक 10.08.2021 को राहत प्रदान की गई । न्यायालय ने विभाग को निर्देशित किया है कि मेरे विरुद्ध चलाए जा रहे सभी नियम विरुद्ध मामलों का निराकरण किया जाए एवं इनकी पदस्थापना उसी स्थान पर की जाए जहां से इन्हें प्रथम बार हटाया गया था ।



