मण्डला दर्पणमध्य प्रदेश

मवई ब्लॉक में एक दिवसी जयस पाठशाला का हुआ समापन

मण्डला। जय आदिवासी युवा शक्ति जयस दारा मंडला जिला के अंतिम सीमा में बसे ब्लॉक मवई के ब्लॉक मुख्यालय पर ब्लॉक के क्षेत्रीय युवाओं को जयस पाठशाला के माध्यम से संविधानिक जानकारी दिया गया जयस पाठशाला का उद्देश्य युवाओं को सविधानिक जानकारी से परिपूर्ण बनाना ताकि वह अपने हक और अधिकार के लिए स्वयं लड़ सके मोबाइल लॉक क्षेत्रफल की दृष्टि से मंडला जिले की अंतिम सीमा और जंगलों में बसा हुआ ब्लॉक है जिले की दूरी सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर की है मवई ब्लॉक में 85% हुआ पढ़ लिख कर युवा वर्ग बेरोजगार हैं अधिकतर युवा वर्ग पलायन करने को मजबूर है पढ़े-लिखे युवा से जब हम इस संबंध में चर्चा किए तो संविधान की जानकारी की कमी बताये और इसी उद्देश्य से हम मवाई ब्लॉक पंचायत पाठशाला के माध्यम से युवाओं को एक दूसरी संविधानिक कैडर कैंप किए जिसमें मुख्य रुप से सीआरपीसी, आईपीसी, सूचना का अधिकार अधिनियम 2005, पंचायती राज्य अधिनियम आदि विषयों पर युवाओं को जानकारी किया गया।

पांचवी अनुसूची, सीआरपीसी और आईपीसी दिया गया जोर-जयस पाठशाला के माध्यम से जिला अध्यक्ष रतन वरकडे ने पांचवी अनुसूची सीआरपीसी आईपीसी और 5वी अनुसूचित पर जोर दिया वरकड़े ने बताया कि यह क्षेत्र विकास के नाम से काफी पिछड़ा हुआ है अधिकतर युवा पढ़े-लिखे पलायन कर जाते हैं जो बाकी जो बच्चे हैं वह अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए मजदूरी करते हैं परंतु हमारे लोगों में छुट्टी छुट्टी लड़ाई थाने पहुंच जाते हैं जहां उन्हें छोटी सी धारा लगाकर मोटी मोटी रकम हमारे लोगों से वसूली जाती है जिसकी ताजा उदाहरण हमे धुंधरी थाने में देखे है उन्होंने कहा कि मेरा मानना है जब हमारे लोग कैडर कैंप ओं में नॉलेज मेंट हो जाएंगे तो उन्हें कोई घर में इतने ही कर सकेगा वह अपनी लड़ाई से हम लड़ सकेंगे वरकड़े ने कहा कि हमारे क्षेत्र पांचवी अनुसूची क्षेत्र है जयस का मुख्य उद्देश्य पांचवी अनुसूची को प्रदेश में लागू कराना है हम इनके प्रति भी हमारे युवाओं को जागरूक कर रहे हैं वन अधिकार को लेकर भी वरकड़े ने ब्लॉक के सभी युवाओं को बताया जब हम जल जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ते हैं और हम कहते हैं कि हमारी है तो इनकी पूर्ण जानकारी भी हमें होनी चाहिए जिसकी जानकारी हम युवाओं को दे रहे हैं। क्योंकि वर्तमान सरकार के योजनाओं के माध्यम से ही हम आदिवासियों को बेदखल कर रही है यही कि युवाओं को समझनी चाहिए।

ये रहे मौजूद-जोहन टेकाम, मुल्लूसिंह उइके, चैनसिंह ,विश्वनाथ , हेमराज नेताम, बुध सिंह सरोते, राजकुमार, सरोते, रजितकुमार, दिलीप सियाम, सजय आयाम, लागु आरसी, धरम सिंह ध्रुवे, महेंद्र कुमार सरोते, अनूप परतेती, विसम कुमार, धनस्यम सरोते, बबलू सोयम, मनोज कुमार आदि।

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