कांग्रेस द्वारा बाबा साहब के सम्मान में आयोजित सम्मान मार्च

जबलपुर दर्पण। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेश ओबीसी विभाग ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान में एक सम्मान मार्च आयोजित किया। इस मार्च का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और ओबीसी विभाग के प्रमुख टीकाराम कोष्टा ने किया।
टीकाराम कोष्टा ने कहा कि हाल ही में संसद में डॉ. भीमराव अंबेडकर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में यह मार्च निकाला गया है। उन्होंने कहा, “हमारे देश के संविधान निर्माता और दलित, आदिवासी, गरीब, और मध्यम वर्ग के मसीहा डॉ. अंबेडकर के खिलाफ गृहमंत्री अमित शाह द्वारा की गई टिप्पणी न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह संविधान और समाज के प्रति उनका अनादर भी है। हम इसे किसी भी हालत में सहन नहीं करेंगे।”
कोष्टा ने यह भी कहा कि इस अपमान के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन और जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि “ऐसे व्यक्तियों को जो डॉ. अंबेडकर का अपमान करें, उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए।”
सम्मान मार्च में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रदेश उपाध्यक्ष (ओबीसी विभाग) और पूर्व प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा, प्रदेश कोऑर्डिनेटर अलीम मंसूरी, पी.पी. पटेल, राजू तोमर, उमेश पटेल, अशोक चौधरी, लखन श्रीवास्तव, प्रमोद मून और अन्य एससी, एसटी, ओबीसी तथा अल्पसंख्यक वर्ग के कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि इस मार्च के माध्यम से पार्टी डॉ. अंबेडकर के योगदान को सम्मानित करने और समाज में समानता की अवधारणा को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लेती है। यह मार्च भारतीय संविधान और उसके मूल्यों को बचाने का भी संदेश है, जो डॉ. अंबेडकर ने हमें दिया था।
सभी कांग्रेस पदाधिकारियों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि बाबा साहब के विचार और उनका संघर्ष हमेशा भारतीय समाज में न्याय और समानता के प्रतीक बने रहेंगे।



