रेलवे यूनियन में 76 लाख की अमानत में खयानत, 5 फरार कर्मचारियों की अग्रिम जमानत कोर्ट ने की खारिज

जबलपुर दर्पण। रेलवे के वेस्ट सेंट्रल मजदूर संघ के खाते में से आपराधिक षडयंत्र कर लाखों रुपए निकालकर आपराधिक षडयंत्र करने के पांच आरोपी फरार कर्मचारियों की अग्रिम जमानत की अर्जी जिला न्यायालय ने खारिज कर दी। जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष व अधिवक्ता आरके सिंह सैनी, वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त, मकबूल खान, उपेंद्र सिंह, अनुभूति योगी की ओर से घोर आपत्ति लेने के उपरांत अपर सत्र न्यायधीश जयसिंह सरोते ने गंभीर मामला मानकर, धारा 420, 409, 120 बी के तहत आरोपी भोपाल निवासी अशोक शर्मा, गाडरवारा निवासी सिया पचौरी, जबलपुर निवासी अनुज तिवारी, निशा माल्या, ओपी चौकसे को अग्रिम जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया।
शासन की ओर से पैरवी करते हुए, अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता राजकुमार गुप्ता ने न्यायालय को बताया कि वेस्ट सेंट्रल मजदूर संघ के खाते में रेलवे के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की सदस्यता शुल्क जमा होती है। नियमानुसार अध्यक्ष की बगैर अनुमति के राशि नहीं निकाली जा सकती है, किंतु आरोपी संघ के महासचिव अशोक शर्मा व कोषाध्यक्ष अनुज तिवारी ने बगैर अध्यक्ष की अनुमति के खाते से 76 लाख 50 हजार रुपए की राशि निकाल ली, और आरोपी कर्मचारी सिया पचौरी व निशा माल्या के खाते में जमा करवा दी। तदोपरांत दोनों के खाते से आरोपी ओपी चौक से को 36 लाख रुपये तथा आरोपी उत्तम चंद को 7 लाख रूपये नगद भुगतान कर दिया। इस तरह रेलवे के वेस्ट सेंट्रल मजदूर संघ के खाते में से आरोपियों ने लाखों रुपए निकालकर आपराधिक षडयंत्र कर अमानत में खयानत किया।



