आग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नगर निगम सख्त, सुरक्षा मानकों को पूरा करने निगमायुक्त के कड़े निर्देश

जबलपुर दर्पण । निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देशानुसार गर्मियों के मौसम में बढ़ती तपिश और बिजली के भारी उपयोग के कारण होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जबलपुर नगर निगम ने सख्ती शुरू की है। शहरवासियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए निगम ने सभी व्यावसायिक संस्थानों के लिए नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सुरक्षा ही प्राथमिकता
निगमायुक्त ने बताया कि गर्मियों में बिजली के उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ जाता है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बना रहता है। जन-धन की हानि को रोकने के लिए नगर निगम ने ’नगर पालिक अधिनियम’ की धाराओं 246, 248 एवं 366 के तहत सख्त कदम उठाए हैं।
व्यापारियों के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश
निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने सभी दुकानदारों, शोरूम मालिकों और गोदाम संचालकों से अपील की है कि वे सुरक्षा के इन मानकों का पालन सुनिश्चित करें, जिसमें संस्थान में पर्याप्त मात्रा में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक स्थानों पर इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था, अग्नि नियंत्रण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अब अनिवार्य होगा,
15 दिनों का समयः सहयोग की अपील
निगमायुक्त ने कहा है कि जिन संस्थानों में जनता का अधिक आवागमन होता है, उन्हें ये व्यवस्थाएं 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करनी होंगी। यह कदम दंडात्मक होने के बजाय सुरक्षात्मक है, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में त्वरित बचाव किया जा सके।
निगमायुक्त ने कहा है कि यदि कोई संस्थान निर्धारित समय में ये बदलाव नहीं कर पाता है, तो उन्हें विशेष अनुमति या सूचना के बाद ही संचालन जारी रखने की सलाह दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के व्यावसायिक क्षेत्रों को ’फायर-सेफ जोन’ बनाना है।
यह पहल न केवल व्यापारियों के निवेश को सुरक्षित रखेगी, बल्कि बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले आम नागरिकों को भी एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगी। इसके लिए निगमायुक्त ने अपर आयुक्त श्रीमती अंजू सिंह को कार्यवाही सुनिश्चित करने निर्देश दिए हैं।


