जमतरा ब्रज है हमारा, सरकार करे संरक्षित मुख्यमंत्री के नाम कांग्रेस ने सौपा ज्ञापन

जबलपुर दर्पण। शहर कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासनिक अधिकारी सुरेश सोनी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि छोटी रेलवे लाइन नर्मदा नदी पर स्थित जमतरा ब्रिज हमारा है सरकार संरक्षित कर जबलपुर को सुपर्द करें। सवा सौ वर्ष पूर्व जबलपुर में ब्रिटिश शासन काल में अनेक गांवों को जोड़ते हुए गोंदिया तक के लिए नैरो गेज रेलवे लाइन का निर्माण किया गया था। जिसके लिए जबलपुर में नर्मदा नदी के ऊपर जमतरा ब्रिज बनाया गया ब्रॉड गेज लाइन के निर्माण के बाद छोटी रेलवे लाइन बंद कर दी गई। अभी भी जमतरा ब्रिज स्थित है । जिसे रेलवे प्रशासन बंद करके नीलम करना चाहता है। यह ब्रिज नर्मदा पार करने के लिए अनेक ग्राम वासियों के लिए बहुत सहायक है। शहर से अनेक गांव को जोड़ता है और गांव वासी किसान दिहाड़ी मजदूर सब्जी, दूध वाले पढ़ने वाले बच्चे से शहर आनेजाने के लिए पैदल या साइकिल से इसका उपयोग करते हैं। यदि यह ब्रिज बंद हो जाता है तो लगभग 20 किलोमीटर का सफर अतिरिक्त हो जाता है । विगत सप्ताह रेलवे ने इसे बंद कर दिया था तो ग्राम वासियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा । जनता के विरोध और मीडिया की सहयोग ने टेंपरेरी व्यवस्था के लिए इसे खोल तो दिया है पर रेलवे का कोई भरोसा नहीं इसे कब बंद कर तोड़कर कव्वालियों को नीलाम कर दे।
उक्त ब्रिज बहुत ही तकनीकी और गुणवत्ता से निर्मित है बरसों से झेल रहे मौसम की मार ट्रेन व यात्रियों का भार और नर्मदा जी का भीषण जल प्रभाव भी इसे छतिग्रस्त नहीं कर सका। ब्रिज बहुत उपयोगी है उसे दार्शनिक भी बनाया जा सकता है। ट्यूरिज्म पिकनिक स्पॉट के लिए विकसित किया जा सकता है । मां नर्मदा भक्तों के लिए नर्मदा जी के दर्शन के लिए भी उपयोगी हैं। आवागमन में सहायक तो है ही। आज अरबों रुपए खर्च करने के भी इस जैसे दूसरे पुल का निर्माण करना कठिन है। यह जबलपुर की धरोहर है। जनहित में इसे बचाया जाना आवश्यक है।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मध्यप्रदेश सरकार रेलवे विभाग से कार्यवाही कर उसकी क्षतिपूर्ति देकर इसे प्रदेश सरकार प्राप्त करें और जबलपुर प्रशासन को सुपर्द करें ताकि ऐतिहासिक धरोहर को बचाया जा सके।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव सौरव शर्मा ब्लॉक अध्यक्ष शिव कुमार चौबे आजम खान राजेंद्र पिल्ले संजय अहिरवार वरिष्ठ नेता टीकाराम कोस्टा रामदास यादव श्रीमती सलमान खान श्रीमती कमला चौहान चमन पासी पीपी पटेल मनोज नामदेव पूर्व पार्षद राजेश सोनकर प्रकाश पटेल धर्मेंद्र कुशवाहा भगत राम सिंह राजू लायक गुड्डू नवी ताहिर अली, अमरीश मिश्रा, शैलेश राठौर रिजवान कोटी, रिंकू तिवारी शरद बबलू नामदेव सुरेंद्र यादव पूनम सोनकर रमेश वेन, जितेंद्र यादव राजेंद्र पटेल अंबिका गुड्डा यादव अरुण पवार, मुन्ना सेन अयाज अंसारी केशव चौरसिया अवधेश गुप्ता रोहित यादव राजेश चौबे अलीम मंसूरी राजेश रजक गंगा सिंह उमेश पटेल संजू शर्मा प्लास मजूमदार रामनारायण शर्मा ओम प्रकाश जयसवाल एजाज अली शाहिद अली प्रतीक यादव आयुष अग्रवाल संतोष पांडे बाबा इकबाल अभिषेक यादव दीपक चौहान आदि ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रेलवे विभाग और केंद्र सरकार अपनी जिद पर अड़े रहे और इसे नीलाम करने की बात करेंगे तो कांग्रेस पार्टी संवैधानिक तौर पर अपना विरोध दर्ज कराएगी और आंदोलन के लिए बाधय होगी।



