भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा आंगनवाड़ी भवन, तीन वर्षों से नही हो पाया निर्माण

जबलपुर दर्पण डिंडौरी। आदिवासी बाहुल्य जिले में ग्राम विकास के लिए आने वाली शासकीय राशि को भ्रष्टाचार की बलिबेदी में आहूत करना पंचायत के जिम्मेदार सरपंच एवं सचिव के लिए आम हो गया है, ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को न हो, बावजूद इसके भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्यवाही न होना संसय पैदा करता है, ।ऐसा ही मामला है जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिल्हरी का जहाँ लगभग बीते तीन वर्षों से आंगनवाड़ी भवन आधा अधूरा पड़ा, अपनी पूर्णता की बाट जोह रहा है। ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत सिल्हरी के पोषक ग्राम मोर्चा में बीते तीन वर्ष पूर्व सचिव राजेश मसराम के द्वारा आगनवाड़ी भवन का निर्माण कराया जा रहा था, जो आज भी आधा अधूरा पड़ा हुआ है, उल्लेखनीय है कि समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण न होने के परिणाम स्वरूप उक्त ऑगनवाडी भवन बदहाल अवस्था में पड़ा हुआ है, भवन में उपयोग होने वाले खिड़की दरवाजे भी जर्जर हालत पड़े कबाड़ हो रहे है, लेकिन तमाम जिम्मेदारों बदहाल हो रहे भवन एवं ऑगनवाडी आने वाले मासूम नोनिहलो की समस्या से जरा भी सरोकार नहीं है, ग्रामीणों ने बताया की उक्त ऑगनवाडी भवन का निर्माण कार्य पूर्ण न होने के चलते ऑगनवाडी का संचालन प्राथमिक शाला के जर्जर हो चुके अतिरिक्त कक्ष में किया जा रहा है ।
बदहाल भवन में कर दिया गया वाशवेश का निर्माण
सफेद हाथी की संज्ञा से नवाजा जाने वाला जिले के पी एच ई विभाग के कारिंदों एवं ठेकेदार का कोई भी सानी नहीं है यहाँ बता दें कि उक्त ऑगनवाडी भवन जो तीन वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ पालतू पशुओं के लिए सराया बना हुआ है वहां पर पी एच ई विभाग ने बच्चों के हाथ धुलने के लिए वॉशवेश का निर्माण कर कीर्तिमान रच दिया जबकि बदहाल अवस्था में पड़े उक्त ऑगनवाडी भवन में ऑगनवाडी संचालित हो ही नहीं रही है ऐसे में शासन की राशि का दुरुपयोग करना समझ से परे है ,यहाँ यक्ष प्रश्न यह भी है कि आखिरकार किसकी शह पर खुलेआम भ्रष्टाचार की होली खेली जा रही है ।



