दिगंबर – जयश्री बने अत्रि – अनुसुइया, हुआ दत्तात्रेय का जन्म

जबलपुर दर्पण। टेलीग्राफ गेट नंबर 4 स्थित भगवान दत्तात्रेय मंदिर में ब्रह्मा, विष्णु और शिव के समन्वित स्वरूप भगवान दत्तात्रेय का प्राकट्योत्सव पूर्ण श्रद्धा, आस्था व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर के प्रधान अर्चक दिगंबर तारके और श्रीमती जयश्री तारके ऋषि अत्रि और अनुसुइया बने जिनके पवित्र घर आंगन में दत्तात्रेय का जन्म हुआ।
पौराणिक कथानुसार में महान सती अनुसुइया के सतीत्व की परीक्षा लेने हेतु ब्रह्माणी,लक्ष्मी और पार्वती ने ब्रह्मा, विष्णु और शिव को भेजा। जिन्हे अपने सतीत्व के बल पर अनुसुइया ने अबोध बालक के रूप में परिवर्तित कर दिया। बाद में इन तीनों की पत्नियों की प्रार्थना पर मां अनुसुइया ने तीनों को उनके वास्तविक रूप में ला दिया। जाते समय अनुसुइया को दिए गए बर के अनुसार तीनों ने समन्वित स्वरूप दत्तात्रेय के रूप में उनके घर जन्म लिया।
जन्मोत्सव में गुरुकृपा भजन मंडल और रामायण महिला मंडल की सभी सखियों सहित डॉ श्रद्धा तिवारी, छाया कलमकर, मयंक तारके, जया तारके,पल्लव कलमकर, विध्येश भापकर, डॉ एच पी तिवारी,सचिन कलमकर,संदीप व्यास और किशोर कलमकर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।



