शिवाजी महाराज जयंती

जय भवानी-जय शिवाजी के नारों से गूंज आसमान
जबलपुर दर्पण। मातृभूमि की एकता और अंखडता सर्वोच्च है। सामाजिक सरोकारो के साथ प्रशासनिक नियमानुसार क्रियाकलापो का होना अति आवश्यक है। निर्बल और जरूरत मंदो को सरलतापूर्वक शासन की योजनाओ का लाभ मिले परंतु देशद्रोहियो के लिए अति सख्त कानून आवश्यकता है। राष्ट्र निर्माण और उन्नति मे बाधक हर गतिरोध को दूर करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करने की नितांत आवश्यकता है। भारत तर्पण की भूमि है। भारत को अखंड राष्ट्र बनाने शिवाजी ने हिन्दवी स्वराज्य की स्थापना की थी। उक्त ओजपूर्ण उदगार डा जितेंद्र जामदार, प्रवीण सांलुके, सदानंद गोडबोले, उदय पंराजपे, डा निर्मला तिवारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज जन्मोत्सव के उपलक्ष्य मे क्षत्रिय मराठा समाज व्दारा आयोजित अभिषेक, पूजन, पुष्पार्चन, माल्यार्पण, आरती मे छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा स्थल मे कहे। जबलपुर के रमेश श्रीवास काकाजी, नलिन कांत बाजपेई, डा एच पी तिवारी, महानगर के अध्यक्ष प्रवीण सांलुके , तरूण कुमार सोनोने, डा विजय जाधव, अनिल गायकवाड, शोभा शिंदे, माया सोनोने, प्रतिभा जाधव, रंजना सोनोने, बबन मराठा, बी आर जावलकर, शिवाजी राव ढवले, सुनील दत्त सोनोने, राजन चव्हाण, विजय काकडे, सुशील जाधव, विजय डुचे, एड हेमंत चव्हाण, आनंद राव बावले,विवेक भोसले, महेन्द काले, उमेश सरफरे, जितेंद्र चांदोरकर. प्रशांत महानूर, प्रदीप, विध्येश भापकर सहित बडी संख्या मे सामाजिक जन उपस्थित रहे।



