तपोस्थली मटामर में है विश्व की सबसे ऊंची श्री परशुराम प्रतिमा, होगा महाभिषेक

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है यह प्रतिमा
जबलपुर दर्पण। नगर सीमा से सटा श्री परशुराम धाम मटामर भगवान परशुराम जी की प्राचीन तपोस्थली है। यहां उनके चरणों से उद्भूत महामानव के पैरों के आकार वाला पवित्र परशुराम कुंड, कुंड के समीप स्थित प्राचीन श्री परशुराम मंदिर,मंदिर के समीप स्थित श्री परशुराम पर्वत,पर्वत के शिखर पर स्थित पवित्र श्री परशुराम गुफा प्रमाणित करती है कि भगवान परशुराम जी बहुत लंबे समय तक इस पवित्र स्थल पर तपस्यारत थे।
श्री परशुराम धाम विकास समिति के अध्यक्ष डॉ एच पी तिवारी ने बताया कि समिति द्वारा पर्वत के शिखर पर स्थित पवित्र पराशुरा गुफा के ऊपर अवस्थित लगभग 1000 वर्गफुट क्षेत्रफल वाली पवित्र परशुराम शिला पर 15 फुट लंबा फरसाधारी 31 फुट ऊंची श्री परशुराम प्रतिमा स्थापित कर दिए जाने से यह स्थल दुनिया भर के परशुराम भक्तों की आस्था का केंद्र बन गया है। परशुराम जी की यह प्रतिमा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी 15 फुट लंबा फरसा धारी 31 फिट ऊंची विश्व की एकमात्र प्रतिमा के रूप में दर्ज की गई है।
सचिव सचिन मिश्रा ने बताया कि आज श्री परशुराम प्राकट्योत्सव के अंतर्गत अखंड रामायण की समाप्ति के बाद श्री विष्णु सहस्त्र नाम स्त्रोत के 108 पाठ, परशुराम चालीसा पाठ,पूजन अर्चन,महाभिषेक तथा महा आरती की जाएगी। समिति के महंत मोहन महाराज,सुधीर चौबे,संतोष चौबे, प्रभात तिवारी, आर .पी. पांडे,गुलाब सिंह यादव, आशुतोष तिवारी,मलखान सिंह यादव,धर्मेंद्र मिश्रा,राजेंद्र तिवारी,संजय तिवारी,भीम विश्वकर्मा व विकास तिवारी आदि ने उपस्थिति की अपील की है।



