मां नर्मदा परिक्रमा को निकले संदीप सोधिया

जबलपुर दर्पण। समर्थ सद्गुरुदेव भईयाजी सरकार का संकल्प पूर्ण हो इसी इसी मनोकामना के उद्देश्य को लेकर 21 फरवरी ओम्कारेश्वर महादेव मांधाता पर्वत की परिक्रमा करके कावेरी संगम दर्शन, पूजन कर माँ रवा की पैदल परिक्रमा की शुरुआत। पनागर तहसील में भव्य मां नर्मदा के मंदिर की स्थापना करने वाले संदीप सोधिया ने “दैनिक जबलपुर दर्पण” के सह-संपादक आशीष जैन को विशेष जानकारी देते हुए बताया कि हमारे आराध्य समर्थ सदगुरुदेव भगवान का निर्विकल्प निराहार सत्याग्रह पूर्ण हो, इसी उद्देश्य को लेकर आज श्री छोटे दादा जी “हरिहर भोले भगवान जी” की बरसी पर माँ नर्मदा के पावन धाम ओम्कारेश्वर महादेव ज्योर्तिलिंग मांधाता परिक्रमा से माँ नर्मदा पैदल परिक्रमा प्रारम्भ। प्रथम दिन लगभग 20 किलोमीटर पदयात्रा के साथ मोरटक्का बिंद्रावन आश्रम खेड़ीघाट में विश्राम किया। दूसरे दिन 19 किलोमीटर मोरटक्का खेड़ीघाट से नर्मदा किनारे किनारे गौ घाट, गौमुख घाट, पीत नगर होते हुये कांकरिया नर्मदा मन्दिर में विश्राम किया। तीसरे दिन रास्ते में छोटे छोटे बच्चे के साथ नर्मदे हर बोलते राजा मोरध्वज की नगरी हरिहर कुटी मर्दाना जिला खरगौन में विश्राम भोजन प्रसादी ग्रहण किया। परिक्रमा के चतुर्थ दिवस 20 किलोमीटर का सफर उबड़ खाबड़, खेत खलिहान, गांव की पगडंडी से होकर गुजरता हुये लेपा में विश्राम किया। प्रत्येक दिवस एक नया अहसास और आनंद लेकर आता है। माँ के प्रेम की जगह जगह अनुभूति होती है। प्रत्येक व्यक्ति को मां नर्मदा की परिक्रमा का परमसुख आनंद एक बार जीवन में अवश्य लेना चाहिए।



