सम्राट अशोक के शिलालेख के लिये प्रसिद्ध रूपनाथ धाम

जबलपुर दर्पण विशेष। भारतीय मौर्य राजवंश के सम्राट अशोक के द्वारा लिखित शिलालेख के लिये प्रसिद्ध भगवान शिव का रपनाथ धाम मध्यप्रदेश के कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील में स्थिति है। कैमोर पहाडियों के एक सिरे पर स्थित इस धाम प्राकृतिक सोन्दर्य एवं अनुपम द्श्य हर व्यक्ति का मन मोह लेते है। ऐतिहासिक, धार्मिक पुरातत्व महत्व रखने बाला यह रूपनाथ धाम हिन्दू संस्कृति एवं परंपराओं का प्रमुख का केन्द्र है। प्राकृतिक कुंडों में भरा पानी, गुफा में विराजे भगवान शिव पहाड़ी पर बना मंदिर, चारों ओर हराभरा माहोल, पेडपौधे, उछलकूद करते बानर और सबसे महत्वपूर्ण “सम्राट अशोक” का शिलालेख कटनी जिले सहित बहोरीबंद तहसील को ऐतिहासिक स्थल के रुप में विश्व मानचित्र पर अंकित करता है। रूपनाथधाम में पहाड़ी के पत्थरों पर ऊपर विशाल तीन कुंड, पत्थरों के बीच बनी गुफा और सम्राट अशोक के शिलालेख तीनों को लेकर अलग-अलग कहावते प्रचलित हैं। रूपनाथ धाम में ग्राम बचैया से सपरिवार दर्शन करने आये श्रद्धालू ने “दैनिक जबलपुर दर्पण” के उप-संपादक आशीष जैन को विशेष जानकारी देते हुए बताया कि हजारों वर्ष पुराने इस मंदिर में मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। इस धाम में मकर संक्रांति के अवसर पर एक सप्ताह का विशाल मेला भरता है। आस पास के क्षेत्र के सभी नागरिक विशेष अवसर यहाँ दर्शन को अवश्य आते है।
पहाड़ी में सबसे नीचे का कुंड सीता कुंड, मध्य का लक्ष्मण कुंड और सबसे ऊपर भगवान राम का कुंड है। रूपनाथ धाम के पुजारियों एवं भक्तों की मान्यतानुसार भगवान शिव भस्मासुर से बचने के लिए गुफा के रास्ते जागेश्वरधाम बांदकपुर जिला दमोह के लिए यहीं से गए थे।
कहा जाता है कि 232 ईसा पूर्व शक्तिशाली भारतीय मौर्य राजवंश के सम्राट अशोक बहोरीबंद के समीप स्थित रूपनाथ में रुके थे। शिलालेख व उनके माध्यम से कराए गए निर्माण उनके ठहरने का आज भी प्रमाण देते हैं।
रूपनाथ धाम में पंचलिंगी शिव प्रतिमा है, जिसे रूपनाथ के नाम से जाना जाता है। यह कैमोर पर्वत श्रेणी के एक सिरे पर स्थित इस धाम के कुडों में साल भर स्वच्छ जल भरा रहता है। बरसात के दिनो में पर्वत से निकलता झरना मनमोहक होता है। प्रत्येक वर्ष जनबरी माह में एक सप्ताह का भव्य मेला लगता है। सावन माह में लोग हर सोमवार को शिव दर्शन के लिये रूपनाथ धाम में कई जिलों से लोग दर्शन को पहुंचते हैं।
रूपनाथ धाम का पहुच मार्ग- रूपनाथ धाम मध्यप्रदेश के कटनी जिलें की बहोरीबंद तहसील में स्थित है। सभी यात्री यातायात को सुगम बनाने के लिए गूगल मैप की भी मदद ले सकते। राजधानी भोपाल से लगभग 350 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भोपाल से विदिशा सागर, दमोह से सिंग्रामपुर होते हुए रूपनाथ धाम पहुंच सकते है। कटनी जिला मुख्यालय लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर सिलिमनावाद होते हुए पहुंचा जा सकता है। जबलपुर जिला मुख्यालय से 75 किलोमीटर की दूरी तथा पन्ना जिला मुख्यालय से 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सभी जिला मुख्यालय से यातायात की सुगम व्यवस्था के साथ सभी पहुंच मार्गों की वर्तमान में सड़कों की स्थिति भी बहुत अच्छी है।



