माध्यमिक शाला चिचरिंगपुर में एक महीनों से बंद है, मध्यान भोजन

जबलपुर दर्पण। जनपद डिंडोरी के अंतर्गत आने वाले संकुल केंद्र विक्रमपुर के अंतर्गत आने वाली शासकीय माध्यमिक शाला चिचरिंगपुर में लगभग पिछले एक महीनों से मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम (एमडीएम) बंद पड़ा हुआ है, मध्य प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजना मध्यान भोजन कार्यक्रम एमडीएम को ग्राम के ही जयअंबे स्व सहायता समूह चिचरिंगपुर के द्वारा पलीता लगाया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया, कि महिला स्व सहायता समूह जयअंबे चिचरिंगपुर, अध्यक्ष कखधी बाई एवं सचिव सुषमा बाई के द्वारा मध्यान भोजन का संचालन किया जा रहा है, स्व सहायता समूह जय अम्बे की बागडोर अतिथि शिक्षक गणेश धुर्वे अपने हाथों में लिए रखा है। जो माध्यमिक शाला चिचरिंगपुर में ही अतिथि शिक्षक का कार्य भी करता है! मध्यान भोजन पिछले एक महीनों से बंद पड़ा हुआ है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को दोपहर का भोजन भी स्कूल में नसीब नहीं हो पा रहा है, इसके पहले भी ग्रामीणों द्वारा शिकवा शिकायत करने पर बीच में कभी कभी बच्चों को मध्यान भोजन खिलाया जाता था, वह भी गुणवत्ता हीन होता था,ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि मध्यान भोजन कार्यक्रम (एम डी एम) का संचालन गणेश धुर्वे स्वयं करता है ,महिला स्व सहायता समूह का केवल नाम है! मध्यान भोजन के चावल को खुले बाजार विक्रमपुर में बेच दिया जाता है! जो कि एक गंभीर जांच का विषय है ,इसे जिला पंचायत डिंडोरी के मध्यान भोजन कार्यक्रम (एम डी एम) शाखा के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही ही कहा जाए ! जो कि पिछले एक महीनों से बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिल पा रहा है, और जिम्मेदार अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है!


