पीएम आवास योजना में लाभ दिलाने, कोरे स्टाम्प में कराए दस्तखत

कूट चरित्र करके भिजवा रहा नोटिस, पीड़ित को दे रहा मानसिक प्रताड़ना
डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के समनापुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत चांदरानी गांव में पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रोजगार सहायक ने हितग्राही से कोरे स्टाम्प में ही दस्तखत करवा लिए। बताया गया कि रोजगार सहायक द्वारा कूट चरित्र करते हुए कोरे स्टाम्प में पैसों की लेनदेन व जमीनों की खरीदी संबंधी बातें लिखकर हितग्राही से धोखाधड़ी किया गया। आरोपों के मुताबिक चांदरानी निवासी राम मिलन राठौर ने रोजगार सहायक पर उसकी भूमि हड़पने का आरोप लगाते हुए मेट द्वारा आवास की किस्त जारी करने के नाम पर धोखाधड़ी किया गया। कोरे स्टाम्प पर हस्ताक्षर करवाने की शिकायत करने के बाद रोजगार सहायक द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मामले को लेकर पीड़ित ने शिकायत जनसुनवाई में जिला कलेक्टर से की है। पीड़ित द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार आवेदक चांदरानी का स्थायी निवासी है, साथ ही अनावेदक भी उसी ग्राम का निवासी है। आवेदक अपने स्वामित्व व अधिपत्य की भूमि मौजा ग्राम चांदरानी प. ह०. नं. 148 रानिमं समनापुर तहसील एवं जिला डिण्डौरी में स्थित भूमि खसरा नं.875 रकवा 0.19 हे0 भूमि को अपने बीमारी के ऑपरेशन हेतु हेमन्त पिता बहादुर उम्र 35 वर्ष जाति राठौर को विक्रय करने का सौदा तय किया गया था, दोनों पक्षों का मत से उक्त भूमि का पंजीयन हो चुका है। जिसमें अनावेदक राधेश्याम के द्वारा उक्त भूमि को लेकर क्रेता एवं विक्रेता को वेबजह परेशान किया जा रहा है। क्रेता को जान से मार दूंगा, कहते हुये धमकी दिया जाता है। अनावेदक उक्त ग्राम में रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ है और इसी बात का फायदा उठाकर अनावेदक से कोरे स्टॉम्प पेपर पर छल कपट पूर्वक दिनांक 22.02.2022 को रामू पिता बारेलाल मेट के द्वारा प्रधानमंत्री आवासी की प्लंथ का पैसा आपके खाता में डालना है, कहते हुये हस्ताक्षर करा लिया है। जिसकी जानकारी मुझ आवेदक को दूसरे दिन हुई। कोरे स्टाम्प पर अनावेदक के द्वारा मुझ आवेदक के साथ धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से सम्पूर्ण भूमि का एक अनुबंध पत्र निष्पादित करा लिया गया है। जो कि पूर्णतः गलत ऐसी स्थिति में मुझ आवेदक के साथ अनावेदक के द्वारा किये गये कृत्य से मुझ आवेदक को अपूर्णीय क्षतिकारित होगी, जबकि अनावेदक उक्त ग्राम का रोजगार सहायक है, जिसके बलबूते कुछ भी कर सकता है। यदि अनावेदक को ऐसा कृत्य करने से नहीं रोका गया तो क्रेता एवं विक्रेता को अपूर्णीय क्षति कारित होगी एवं क्रेता को उक्त भूमि को क्रय किये हुये लगभग 1 माह पूर्ण हो चुका है। फलतः वर्तमान में अभी भी उक्त भूमि का प्रमाणीकरण नही किया गया है, जो कि प्रमाणीकरण किया जाना आवश्यक है। पीड़ित ने सूक्ष्मता से जांच कराकर अनावेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।



