साहब..हम गरीब आदिवासीयों को कब करवाएंगे ग्रह प्रवेश

जिले में तमाम तरह के योजनाओं के बाद भी पिछड़ा आदिवासी तबका
डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले में गरीबों के लिए तमाम तरह के सरकारी योजनाओं के बाद भी आदिवासी तबका आज भी पिछड़ा हुआ है। एक और आवास विहीन और झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की गई है। जानकारी अनुसार पिछले दिनों मंगलवार को डिंडोरी में लगभग 15000 गरीबों को लाभान्वित किया गया। जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही राम कृपाल धुर्वे का गृह प्रवेश पूरे विधि विधान के साथ आज कराया गया। गृह प्रवेश के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे, कलेक्टर रत्नाकर झा, पुलिस अधीक्षक संजय सिंह, जिला पंचायत सीईओ अंजू अरुण विश्वकर्मा मौजूद रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को संबोधित किया। हुये कहा कि यह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की देन है कि आज लोगो को पक्के मकान मिल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत बजाग माल में 70 साल के इतिहास काल में वंचित रहे वनवासियों को वंचित ही रखा गया है। सरकार की योजनाओं का पहला हक गरीबों और वंचितों को मिलना चाहिए था पर बजाग माल में निवासरत बनवासी समुदाय लंबे अरसे से सरकार की योजनाओं से लाभान्वित नहीं हो रहा रहे हैं। आज भी आदिवासियों को सरकार की योजनाएं ना मिलने के चलते पन्नी और घास फूस लगाकर झुग्गी झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। मामले को लेकर ग्राम पंचायत बजाग माल के निवासी मुरारी साहू का कहना है कि मेरा घर गिर रहा है, मेरे ऊपर पंचायत वाले ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि मेरा मकान मिट्टी से बना है। मेरे दो दो बच्चे हैं, मैं गरीब आदमी हूं, कैसे घर बनाऊंगा। लगातार में कई बार फोटो खींच खींच कर दिया हूं, पर ग्राम पंचायत कर्मी मेरा नाम लिस्ट में नाम दर्ज होने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दे रहे हैं। मेरा मकान मिट्टी से बना है जबकि बरसात में मेरा घर भींग जाता है। वहीं एक आदिवासी महिला ने बताया कि उसका घर कच्चा है, उसने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई बार मकान मिलने का पंचायत कर्मियों से निवेदन किया था, फिर भी आज तक आवास प्राप्त नहीं हुआ है। मेरा घर पूरी तरह से खराब हो गया है, पन्नी ढक कर रह रहे हैं शासन से अनुरोध है कि आवास प्रदान किया जाए। मेरी परिस्थिति खराब है, हमारी झुग्गी झोपड़ी देखकर शासन प्रशासन मेरी स्थिति को देखकर प्रधानमंत्री आवास दिलाया जाए। वहीं एक अन्य बनवासी समुदाय की महिला ने बताया कि मेरा मकान खराब हो गया है, जबकि पंचायत वाले परेशान करते हैं। में गरीब आदमी हूं, मुझे शासन-प्रशासन आवास योजना का लाभ प्रदान करे तथा अनेक प्रकार की योजनाओं का फायदा नहीं मिल रहा है, जबकि में वृद्ध हो गई हूं मुझे वृद्धा पेंशन नहीं मिल रहा है।
लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में वंचित आदिवासियों एवं मन वासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना से बजाग माल पंचायत में वंचित रखा गया है, यदि प्रशासन प्रशासन सर्वे कराए तो देखेगा की सिर्फ 10% ही वनवासियों को आवास स्वीकृत हुए होंगे जिस में महंगाई की दर से झेल रहे। जबकि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वे खुद से अपना मकान पक्का कर पाए। जिसका फायदा पूरा फायदा ग्राम पंचायत बजाग माल के पंचायत कर्मी उठा रहे हैं, गरीबों को छोड़ मनमानी तरह से आवास बांटा जा रहा है।



