बिजली के रेट बढ़ने के मामले में सरकार ने दिया धोखा

जबलपुर दर्पण। बिजली के रेट बढ़ने को राज्य सरकार रोक सकती थी , उसे विद्युत अधिनियम के तहत् पूरा अधिकार है कि वह विद्युत नियामक आयोग को निर्देश जारी कर सकती है कि कोरोना काल में बिजली के रेट नहीं बढ़ाये जायें, लेकिन राज्य सरकार चुप बैठ गई। यह राज्य सरकार की जनता के साथ धोखाघड़ी है। राज्य सरकार के पास अभी भी मौका है कि मुख्यमंत्री अपने विशेध अधिकारों का उपयोग कर बढ़े हुये बिजली के रेट पर अंकुश लगा सकते हैं । इन बिंदुओं को लेकर आज संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में टाउन हाल में जंगी धरना दिया गया तथा निर्णय लिया कि यह आंदोलन जबलपुर बंद तथा मध्यप्रदेश बंद तक ले जायेंगे । निर्णय लिया गया कि 8 अप्रेल को ही मालवीय चौक पर शाम 5 बजे इकत्रित होकर पर्चे वितरण आदि कार्यक्रम किया जायेगा और अगली रणनीति 12 अप्रैल को घंटाघर कॉफी हाउस में बैठक कर तय की जायेगी । संयुक्त मोर्चे के धरने में नगर कांग्रेस जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स , नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच , कम्युनिस्ट पार्टी आम आदमी पार्टी , राष्ट्रीय जनता दल जनता दल यू . भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन , सीनियर सिटीजन एसोसिएशन , पेंशनर्स संघ , महिला संगठन , किसान संगठन आदि के पदाधिकारी शामिल थे। धरने में जगत बहादुर सिंह ‘ अन्नू ‘ , हिमांशु खरे , डॉ पी.जी. नाजपांडे , रजत भार्गव , एड अरविंद श्रीवास्तव , सूरज जायसवाल , शंकर नाग्देव , रामरतन यादव , आर . एस . तिवारी , सुभाष चन्द्रा , एच.पी. उरमलिया , सुशीला कनौजिया , बलविंदर मान , मनीष शर्मा , सौरभ शर्मा , टीकाराम कोष्टा , एड . राजेन्द्र गुप्ता , संतोष नेमा , भगवानदास यादव , मनोज सेठ , नरिंदर सिंह पांधे , सतीश तिवारी , एड वेदप्रकाश अधौलिया , मनु तिवारी , रिजवान कोटी आदि अनकों अपने साथियों के साथ उपस्थित रहे।



